Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    पर्सनल, गोल्ड लोन और क्रेडिट कार्ड पर चल रही जिंदगी... धड़ल्ले से उधार लेकर खर्च कर रहे हैं जेन जी

    Updated: Sat, 18 Jul 2026 10:06 PM (GMT+05:30)

    युवा पीढ़ी अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए क्रेडिट कार्ड, पर्सनल और गोल्ड लोन पर तेजी से निर्भर कर रही है। ...और पढ़ें

    (यह तस्वीर AI से बनाई गई है)

    (यह तस्वीर AI से बनाई गई है)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। दस-पंद्रह साल पहले के युवा मुख्य रूप से हाउसिंग लोन लेते थे। अब यह ट्रेंड तेजी से बदल रहा है। वे अपने शौक को पूरा करने के लिए क्रेडिट कार्ड लेने से लेकर पर्सनल लोन, गोल्ड लोन लेने में कोई हिचकिचाहट नहीं रखते। वे एक क्रेडिट कार्ड नहीं, तीन-तीन क्रेडिट कार्ड रखते हैं।

    ट्रांसयूनियन सिबिल की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक पिछले दस सालों में क्रेडिट कार्ड रखने वालों की संख्या 1.4 करोड़ से बढ़कर 5.2 करोड़ हो गई है।

    दस साल पहले देश में एक्टिव क्रेडिट कार्ड की संख्या 2.1 करोड़ थी जो वर्तमान में 10.7 करोड़ है। रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि नया क्रेडिट कार्ड लेने वाले 50 प्रतिशत जेन जी (14-29 साल की आयु वाले) है।

    क्रेडिट कार्ड धारकों की संख्या में जेन Z की वृद्धि

    इन जेन जी में 46 प्रतिशत मेट्रो या बड़े शहरों में नहीं बल्कि छोटे शहरों में रहते हैं। रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई कि पहली बार क्रेडिट कार्ड लेने वाले युवा पहले से दो-तीन छोटे लोन ले रखे थे।

    डिजिटल तरीके से कंज्यूमर लोन, स्कूटर लोन, टीवी-फ्रिज लोन मिलने के कारण युवा लोन में हिचक नहीं दिखाते हैं। युवा क्रेडिट कार्ड होल्डर्स साल भर के भीतर दूसरे कार्ड के लिए अप्लाई कर रहे हैं। 20 प्रतिशत से अधिक जेन जी दो से अधिक क्रेडिट कार्ड रखते हैं।

    खबरें और भी

    ट्रांसयूनियन सिबिल के एमडी व सीईओ भवेश जैन कहते हैं, क्रेडिट कार्ड का बाजार पहले की तुलना में अधिक सक्रिय होता जा रहा है।

    क्रेडिट कार्ड लेने वाले ग्राहक पहले से छोटे आकार वाले पर्सनल लोन, कंज्यूमर लोन या अन्य शार्ट टर्म लोन लिए हुए होते हैं। यह दर्शाता है कि ग्राहकों का क्रेडिट वैलेट अब अधिक औपचारिक होता जा रहा है।

    गोल्ड और पर्सनल लोन का चलन भी तेजी से बढ़ा

    मुथूट एक्जिम के सीईओ कियोर शाह ने बताया कि उनके गोल्ड बिक्री प्वाइंट पर युवा अधिक संख्या में आ रहे हैं। वे पुराने भारतीयों की तरह सोना बेचने में हिचकिचाते नहीं है।

    मकान खरीदने के लिए उन्हें डाउन पेमेंट करना होता है और वे अपना सोना बेचकर अपने खाते में पैसा ले रहे हैं। पिछले एक साल में एक टन सोना उनके प्वाइंट पर बेचा गया है।

    सोना बेचने के साथ इन दिनों ज्वैलरी लोन का चलन तेजी से बढ़ रहा है। आरबीआइ की रिपोर्ट के मुताबिक इस साल मार्च में गोल्ड लोन 4.61 लाख करोड़ के स्तर पर पहुंच गया। गोल्ड लोन में हर साल अमूमन 25 प्रतिशत का इजाफा हो रहा है।

    पिछले साल सितंबर तक देश का घरेलू स्तर पर लिया जाने वाला लोन जीडीपी का 45.5 प्रतिशत था। यह लोन वर्ष 2023 में जीडीपी का 23 प्रतिशत तो वर्ष 2019 में 39.2 प्रतिशत था।