यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गुजरात के एसी पटेल कैसे बने पाकिस्तानी हुसैन? अमेरिका ने वापस भेजा तो पासपोर्ट से खुली पोल; तुरंत गिरफ्तार
अमेरिका अब तक 344 भारतीय नागरिकों को अपने वतन से भेज चुका है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन लगातार अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त कदम उठा रहा है। 12 फरवरी को ग ...और पढ़ें

HighLights
- एसी पटेल के पास मिला पाकिस्तानी नागरिक का पासपोर्ट।
- दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचते ही पुलिस ने कर लिया गिरफ्तार।
- 2016 में एक्सपायर हो चुका था पटेल का भारतीय पासपोर्ट।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गुजरात के रहने वाले एसी पटेल अमेरिका में पाकिस्तान के मोहम्मद नजीर हुसैन बनकर पहुंचे थे। डोनाल्ड ट्रंप के शासन में आने के बाद वहां प्रशासन ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ अभियान छेड़ा। सैकड़ों भारतीयों को अमेरिका ने वापस भेजा।
आव्रजन नियमों में सख्ती के बाद एसी पटेल की पोल खुल गई। उनके पासपोर्ट पर मोहम्मद नजीर हुसैन लिखा था। अमेरिका अधिकारियों को शक हुआ। इसके बाद मामले की जांच में एसी पटेल की पोल खुली।
एयरपोर्ट पर किया गया गिरफ्तार
12 फरवरी को फ्लाइट संख्या AA-292 दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंची। इसी फ्लाइट से एसी पटेल को अमेरिकी अधिकारियों ने वापस भेजा था। दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचते ही एसी पटेल को दिल्ली पुलिस ने तुरंत गिरफ्तार कर लिया।

फर्जी नहीं बल्कि असली है पासपोर्ट
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय आव्रजन अधिकारियों को पासपोर्ट देखकर बेहद हैरानी हुई। दरअसल, यह मोहम्मद नजीर हुसैन के नाम पर बना कोई फर्जी पासपोर्ट नहीं था। बल्कि असली पासपोर्ट था। पटेल ने कबूल किया कि यह पाकिस्तानी नागरिक का खोया हुआ पासपोर्ट है। दिल्ली पुलिस ने धोखाधड़ी और पासपोर्ट के दुरुपयोग का मामला दर्ज किया है।
एजेंट की मदद से मिले दस्तावेज
रिपोर्ट के मुताबिक एसी पटेल ने दुबई में एक एजेंट को पैसे दिए थे। ताकि उसकी नकली पहचान बनाई जा सके। एसी पटेल का असली पासपोर्ट 2016 में रद हो चुका है। इसके बाद उसने इसे रिन्यू नहीं कराया। एजेंट ने उसे फर्जी दस्तावेज मुहैया करवाने और दुबई के रास्ते अवैध यात्रा में मदद की। मगर उसकी यह तरकीब काम नहीं आई।
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अब तक 344 भारतीय वतन लौटे
20 जनवरी को डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति पद की दूसरी बार शपथ ली थी। इसके बाद वह अमेरिका से लगातार अवैध प्रवासियों को निकालने में जुटे हैं। अभी तक चार फ्लाइट में कुल 344 भारतीय नागरिकों को वापस भेजा जा चुका है। सबसे पहले 5 फरवरी को अमेरिकी एयरफोर्स का विमान 104 भारतीय नागरिकों को लेकर अमृतसर हवाई अड्डे पर उतरा।
इसके ठीक 10 दिन बाद 15 फरवरी को दूसरा विमान 116 नागरिकों के साथ पहुंचा। अमृतसर एयरपोर्ट पर तीसरा विमान 16 फरवरी को उतरा। इसमें 112 भारतीय नागरिक थे। 24 फरवरी को तुर्की एयरलाइंस की फ्लाइट से 12 भारतीय को भेजा गया। इन भारतीयों को पनामा से भेजा गया था।