गैंगस्टर अर्श डल्ला को भारत से कनाडा भेजने के पीछे हरदीप सिंह निज्जर का हाथ, पाकिस्तान कनेक्शन की खुली पोल
दिल्ली पुलिस की चार्जशीट से खुलासा हुआ है कि हरदीप सिंह निज्जर ने गैंगस्टर अर्श डल्ला को भारत से कनाडा भागने में मदद की थी। ...और पढ़ें

अर्श डल्ला का पाकिस्तान से कनेक्शन (फाइल फोटो)
HighLights
निज्जर ने गैंगस्टर अर्श डल्ला को भारत से कनाडा भागने में मदद की।
कनाडा में अर्श डल्ला खालिस्तान टाइगर फोर्स का कमांडर-इन-चीफ बना।
चार्जशीट में KTF और पाकिस्तान की ISI के गहरे संबंध उजागर हुए।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गैंगस्टर अर्शदीप सिंह गिल को लेकर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की दायर चार्जशीट में कई हैरान कर देने वाले खुलासे हुए हैं।
इस चार्जशीट के मुताबिक, हरदीप सिंह निज्जर ने ही गैंगस्टर अर्शदीप सिंह गिल, उर्फ अर्श डल्ला, को भारत छोड़कर कनाडा भागने के लिए मनाया था।
अर्श डल्ला पर चार्जशीट में कई खुलासे
अर्श डल्ला के करीबी सहयोगी तरनजोत सिंह उर्फ तन्ना के खिलाफ 2022 में दायर चार्जशीट में कहा गया है कि डल्ला जेल से रिहा होने के बाद हरदीप सिंह निज्जर के कहने पर 2017 में कनाडा चला गया था।
कनाडा पहुंचकर अर्श डल्ला ने वहां अपना ठिकाना बनाया। कनाडा से ही उसने भारत में अपना आपराधिक और आतंकवादी नेटवर्क चलाना शुरू किया।
इसके बाद डल्ला प्रतिबंधित संगठन 'खालिस्तान टाइगर फोर्स' (KTF) का कमांडर-इन-चीफ बन गया। डल्ला अब 'गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम' (UAPA) के तहत एक घोषित आतंकवादी है।
अधिकारियों ने बताया कि वह और निज्जर विदेश में रहकर संयुक्त रूप से भारत-विरोधी गतिविधियों की साजिश रच रहे थे।
2023 में हुई निज्जर की हत्या
खालिस्तानी आतंकवादी निज्जर की हत्या जून 2023 में कनाडा के सरे (Surrey) में एक गुरुद्वारे के बाहर कर दी गई थी। उस समय कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा था कि इस हत्या में भारत सरकार के एजेंट शामिल थे। भारत ने इन दावों को खारिज कर दिया था और बाद में कनाडा ने भी अपने बयानों से पीछे हटते हुए रुख बदला।
अमेरिकी न्याय विभाग ने एक आरोप-पत्र सार्वजनिक किया था, जिसमें कहा गया था कि 2023 में कनाडा में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के आदेश पर की गई थी।
इसके कुछ दिनों बाद ही यह बात सामने आई है कि खालिस्तानी आतंकवादी ने एक और कुख्यात गैंगस्टर को भारत से भागने के लिए मनाया था।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि हरदीप सिंह निज्जर लंबे समय से कनाडा में प्रतिबंधित खालिस्तानी आतंकवादी संगठनों का नेटवर्क बनाने में लगा हुआ था।
पाकिस्तान से क्या है कनेक्शन?
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की चार्जशीट में कहा गया है कि KTF को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का पूरा समर्थन हासिल था। पाकिस्तान में बैठे हैंडलर, बॉर्डर पर बनी सुरंगों और ड्रोन का इस्तेमाल करके भारत में अपने नेटवर्क को हथियार, गोला-बारूद, डेटोनेटर और विस्फोटक सप्लाई करते थे।
ड्रोन का इस्तेमाल बड़ी मात्रा में हेरोइन और दूसरे नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए भी किया जाता था और भारत में इन ड्रग्स को बेचकर जो पैसा मिलता था, उसका इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों, हथियार खरीदने और गैंगस्टर नेटवर्क को चलाने में किया जाता था।
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चार्जशीट में बताया गया है कि जब एक-एक करके कई खालिस्तानी आतंकवादी जेल चले गए, तो इन संगठनों ने अपनी रणनीतियां बदल लीं। उन्होंने अपने नेटवर्क में स्थानीय गैंगस्टरों, जेल में बंद अपराधियों और भगोड़ों को शामिल करना शुरू कर दिया।
ISI के इशारे पर काम करता था डल्ला
सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, कनाडा में रहते हुए अर्श डल्ला पंजाब, दिल्ली और देश के अन्य राज्यों की जेलों में बंद अपराधियों के लगातार संपर्क में रहता था। उसने ही युवाओं को खालिस्तानी अलगाववादी आंदोलन में शामिल किया।
एजेंसियों का कहना है कि उसका पूरा नेटवर्क पाकिस्तान स्थित ISI हैंडलरों के निर्देशों पर काम करता था। दिल्ली पुलिस का दावा है कि अर्श डल्ला का गैंग पूरे देश में जबरन वसूली का एक बड़ा नेटवर्क चला रहा था।
चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि ड्रग्स और हथियारों की सप्लाई के लिए उत्तर भारत के कई आपराधिक गैंग अर्श डल्ला के जरिए आपस में जुड़े हुए थे। इससे ISI को भारत में अपना नेटवर्क मजबूत करने और अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने में मदद मिली।
जांच एजेंसियों के अनुसार, अपराधियों, आतंकवादियों और ड्रग्स तस्करों का यह गठजोड़ अब देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभर रहा है।
दिल्ली पुलिस की जांच से यह भी पता चला है कि आतंकवादी संगठन अब खुद सीधे हमला करने के बजाय स्थानीय अपराधियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन अपराधियों को जबरन वसूली, हथियार सप्लाई करने और टारगेटेड किलिंग को अंजाम देने के लिए काम पर रखा जाता है।
वे जरूरत पड़ने पर सरकारी ठिकानों, पुलिस चौकियों और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की साजिश रचते हैं। बदले में, आतंकवादी संगठन उन्हें विदेशी हथियार, गोला-बारूद और नशीले पदार्थ मुहैया कराते हैं।
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