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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 02, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    E- Cigarette रखना पड़ेगा भारी, उल्लंघन करने वालों पर होगा एक्शन; स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुरू किया ऑनलाइन पोर्टल

    By AgencyEdited By: Mohd Faisal
    Updated: Mon, 02 Oct 2023 08:10 PM (IST)

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ई-सिगरेट को लेकर एक स्पष्टीकरण जारी किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि ई-सिगरेट रखना कानून का उल्लंघन है। म ...और पढ़ें

    E- Cigarette रखना पड़ेगा भारी, उल्लंघन करने वालों पर होगा एक्शन; स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुरू किया ऑनलाइन पोर्टल (फाइल फोटो)
    E- Cigarette रखना पड़ेगा भारी, उल्लंघन करने वालों पर होगा एक्शन; स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुरू किया ऑनलाइन पोर्टल (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुरू किया ऑनलाइन पोर्टल।
    2. स्वास्थ्य मंत्रालय ने ई-सिगरेट को लेकर एक स्पष्टीकरण किया जारी।

    पीटीआई, नई दिल्ली। ई-सिगरेट या उससे संबंधित उपकरण को किसी भी रूप में रखना इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट रोकथाम अधिनियम (पीईसीए) 2019 का उल्लंघन होगा। यह बात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कही है। सरकार इस बात से चिंतित है कि रोक के कड़े प्रविधानों के बावजूद ई-सिगरेट की उपलब्धता बनी हुई है।

    नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भेजा गया था स्पष्टीकरण

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने ई-सिगरेट पर रोक से संबंधित जानकारी नागरिक उड्डयन मंत्रालय के पास सितंबर में भेजी है। उम्मीद है इससे ई-सिगरेट के इस्तेमाल को रोकने में काफी मदद मिलेगी। पीईसीए में ई-सिगरेट के व्यक्तिगत इस्तेमाल पर प्रतिबंध का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। लेकिन अधिनियम में ई-सिगरेट के उत्पादन, बनाने, आयात, निर्यात, लाने-ले जाने, बिक्री, वितरण, भंडारण और उसके विज्ञापन पर प्रतिबंध है।

    क्या बोले स्वास्थ्य मंत्रालय के उप सचिव?

    स्वास्थ्य मंत्रालय के उप सचिव डॉ पुलकेश कुमार के अनुसार, पीईसीए के उल्लंघन के बिना देश में ई-सिगरेट का उपलब्ध होना संभव नहीं है। इसलिए अगर किसी के पास ई-सिगरेट या उससे संबंधित कोई उपकरण मिलता है या किसी व्यक्ति ने ई-सिगरेट का उपयोग किया होता है तो निश्चित रूप से पीईसीए का उल्लंघन करके किया होता है। इसलिए ई-सिगरेट से किसी भी तरह का संबंध रखने वाला कार्रवाई के दायरे में होता है।

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    स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुरू किया ऑनलाइन पोर्टल

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि अधिनियम जनहित की भावना से बनाया गया है, इसलिए वह हर तरीके से लोगों को नुकसान से बचाता है। ई-सिगरेट कारोबार पर भारी अर्थदंड और कारावास के प्रविधान के बावजूद यह बाजार में उपलब्ध है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने PECA के तहत उल्लंघन की सूचना देने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया है। यह पोर्टल मंत्रालय को उल्लंघन पर आवश्यक कार्रवाई करने की अनुमति देगा। कोई भी व्यक्ति इन उल्लंघनों की रिपोर्ट http://www.violation-reporting.in पर कर सकता है।

    सरकार ने जताई चिंता

    वहीं, केंद्र सरकार ने युवाओं द्वारा ई-सिगरेट के इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई है। बता दें कि बीती मई में स्वास्थ्य मंत्रालय ने सार्वजनिक सूचना जारी करके ई-सिगरेट से नुकसान और पीईसीए के प्रविधानों की जानकारी दी थी। जुलाई में ई-सिगरेट की बिक्री करने वाली 15 वेबसाइटों को नोटिस भेजकर प्रतिबंधित उत्पादन का विज्ञापन और बिक्री बंद करने के लिए कहा था। इसके बाद सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर ई-सिगरेट की बिक्री पर कड़ाई से रोक लगाने के लिए कहा गया है।

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