Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    भोजशाला विवाद में सुनवाई फिर टली: आज पूजा स्थल के पीछे होगी नमाज, प्रशासन की सुरक्षा तैयारियां पूरी

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 07:51 AM (IST)

    सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले से तय की गई अंतरिम व्यवस्था के तहत इस शुक्रवार को भी दोपहर एक से तीन बजे के बीच भोजशाला के पीछे स्थित खसरा संख्या- 612 की भू ...और पढ़ें

    भोजशाला विवाद में सुनवाई फिर टली: आज पूजा स्थल के पीछे होगी नमाज

    भोजशाला विवाद में सुनवाई फिर टली: आज पूजा स्थल के पीछे होगी नमाज

    HighLights

    1. आज भी खसरा संख्या 612 वाले स्थल पर होगी नमाज

    2. अंतिम सुनवाई तक सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम व्यवस्था रहेगी लागू

    जेएनएन, धार। मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला के विवाद में गुरुवार को भी सुप्रीम कोर्ट में मस्जिद पक्ष की अंतरिम याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी।

    ऐसे में, सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले से तय की गई अंतरिम व्यवस्था के तहत इस शुक्रवार को भी दोपहर एक से तीन बजे के बीच भोजशाला के पीछे स्थित खसरा संख्या- 612 की भूमि पर ही नमाज अदा की जाएगी। जिला प्रशासन ने इसके लिए सुरक्षा, आवागमन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं।

    उल्लेखीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई की सुनवाई में मामले को अतिसंवेदनशील बताते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के 15 मई के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

    इसके साथ ही स्पष्ट किया था कि अंतिम निर्णय तक दोनों पक्षों के अधिकारों को प्रभावित किए बिना विवादित परिसर के निकट खुले स्थान पर शुक्रवार को दोपहर एक से तीन बजे के बीच नमाज की व्यवस्था की जाए।

    अदालत ने यह भी कहा था कि व्यवस्था पूरी तरह अस्थायी होगी और अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। गुरुवार को सुनवाई नहीं होने के कारण यही अंतरिम व्यवस्था इस सप्ताह भी प्रभावी रहेगी।

    बता दें कि 15 मई को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने अपने निर्णय में भोजशाला को वाग्देवी का मंदिर माना। मस्जिद पक्ष की याचिका पर 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने वैकल्पिक नमाज स्थल की अंतरिम व्यवस्था दी।

    भोजशाला की विजय ने कृष्ण जन्मभूमि का रास्ता भी खोल दिया: साध्वी ऋतंभरा

    साध्वी ऋतंभरा गुरुवार को भोजशाला पहुंचीं। उन्होंने सबसे पहले मां वाग्देवी के दर्शन-पूजन और आरती की। इसके बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भोजशाला का संघर्ष केवल एक धार्मिक स्थल का नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की विजय का प्रतीक है।

    भोजशाला की विजय ने कृष्ण जन्मभूमि का रास्ता भी साफ कर दिया है। साध्वी ने विश्वास जताया कि मां वाग्देवी जल्द ही लंदन से धार आएंगी और भोजशाला आने वाले समय में विश्वभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगी।

    खबरें और भी

    उन्होंने कहा कि समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना होगा और नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।