यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Online Scam: कमाएं ढेर सारा पैसा का ऑनलाइन चीनी स्कैम, 15,000 भारतीयों को लगा 700 करोड़ का चूना
Online Scam हैदराबाद पुलिस (Hyderabad police) ने 700 करोड़ रुपये के चीनी ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी (Chinese scamsters) का खुलासा किया है। इस संबध में पुलि ...और पढ़ें

तेलंगाना, एजेंसी।Online Scams: हैदराबाद पुलिस ने 700 करोड़ रुपये के चीनी ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी का खुलासा किया है। इस संबध में पुलिस ने अहमदाबाद के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। मास्टरमाइंड प्रकाश मूलचंदभाई प्रजापति 2021 से हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस के रडार पर है।
आरोपी अपने चीनी हैंडलर्स के संपर्क में था। एसीपी साइबर क्राइम केबीएम प्रसाद ने कहा, अकेले 2023 में उसके खिलाफ लगभग 600 एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस के अनुसार, घोटालेबाजों ने कम से कम 15,000 भारतीयों को चूना लगाया है।
आधार कार्ड का करता था गलत इस्तेमाल
प्रजापति ने कथित तौर पर हैदराबाद के तीन निवासियों के आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल किया। उनके पते में अदला-बदली की और इस जानकारी का उपयोग लगभग 45 बैंक खाते खोलने के लिए किया।
प्रजापति ने भारत में सक्रिय स्थानीय सिम कार्डों का उपयोग किया। इससे रोमिंग पर विदेश, विशेष रूप से दुबई से काम करने में उसे मदद मिलती थी। बाद में, उसने मोबाइल फोन-शेयरिंग ऐप्स का इस्तेमाल किया, जिससे बिना किसी शुल्क के पैसे ट्रांसफर करने के लिए ओटीपी देखने में उसे मदद मिलती थी।
खबरें और भी
चीनी स्कैमर्स देते थे 3 प्रतिशत का कमीशन
अपने चीनी स्कैमर्स की मदद से, प्रजापति को 3% कमीशन मिलता था, जिससे उसकी डेली कमाई 10 लाख रुपये से 15 लाख रुपये के बीच हो जाती थी। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने दावा किया है कि गलत तरीके से अर्जित धन का एक हिस्सा लेबनान स्थित आतंकवादी समूह हिजबुल्लाह द्वारा संचालित खाते में भी भेजा गया था।
इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत आव्रजन ब्यूरो (बीओआई) ने मेगा ऑनलाइन पोंजी घोटाले के मुख्य आरोपियों में से एक चीनी नागरिक गुआनहुआ वांग के खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया है। एलओसी ओडिशा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के अनुरोध पर जारी की गई थी।
14,007 साइबर धोखाधड़ी के मामले दर्ज
एक बयान में कहा गया है कि यह मामला अखिल भारतीय ऑनलाइन पोंजी घोटाले से संबंधित है, जिसमें फर्जी बैंक खातों, शेल कंपनियों/फर्मों और क्रिप्टो-व्यापारियों के एक जटिल नेटवर्क का उपयोग करके भारत से सैकड़ों करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और हेराफेरी शामिल है।
संसद को सोमवार को सूचित किया गया कि 2021 में 14,007 साइबर धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए गए। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए, कनिष्ठ वित्त मंत्री भागवत कराड ने कहा, 'साइबर धोखाधड़ी के मामलों की कुल संख्या, जिसमें ऑनलाइन ऐप्स के माध्यम से की गई धोखाधड़ी भी शामिल है, 2021 में 14,007 है।'