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    दो दिन, दो देश और दो इस्तीफे... धर्मेंद्र प्रधान के साथ इस देश की शिक्षा मंत्री ने भी क्यों छोड़ दिया पद?

    Updated: Sun, 26 Jul 2026 12:44 PM (IST)

    नीट-यूजी पेपर लीक के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया, वहीं ऑस्ट्रेलिया की शिक्षा मंत्री यवेट बेरी ने अपने विभाग में भ्रष्ट ...और पढ़ें

    धर्मेंद्र प्रधान से दो दिन पहले ऑस्ट्रेलियाई शिक्षा मंत्री ने दिया था इस्तीफा। (फाइल फोटो)

    धर्मेंद्र प्रधान से दो दिन पहले ऑस्ट्रेलियाई शिक्षा मंत्री ने दिया था इस्तीफा। (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. धर्मेंद्र प्रधान ने नीट-यूजी पेपर लीक के बाद इस्तीफा दिया।

    2. ऑस्ट्रेलियाई शिक्षा मंत्री यवेट बेरी ने भ्रष्टाचार पर पद छोड़ा।

    3. दोनों ने अपने विभागों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए त्यागपत्र दिया।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर छात्र आंदोलन के चलते धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया। गौर करने वाली बात यह है कि ठीक दो दिन पहले उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष ने भी अपने पद से इस्तीफा दिया था।

    एबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, ऑस्ट्रेलियन कैपिटल टेरिटरी (ACT) की शिक्षा मंत्री यवेट बेरी ने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है। यह कदम एसीटी इंटीग्रिटी कमीशन द्वारा दो वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के गंभीर भ्रष्टाचार में शामिल पाए जाने के बाद उठाया गया है।

    जांच में क्या सामने आया?

    जांच में यह नहीं पाया गया कि बेरी ने खुद कुछ गलत किया था। हालांकि, आयोग ने पाया कि एसीटी एजुकेशन डायरेक्टरेट की पूर्व प्रमुख केटी हेयर और बेरी के पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ जोशुआ सेरामिडास ने कैंपबेल प्राइमरी स्कूल के नवीनीकरण के लिए 18.8 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट देने के दौरान गंभीर भ्रष्टाचार किया था।

    कमीशन के मुताबिक, दो अधिकारियों ने चुपके से CFMEU (कंस्ट्रक्शन, फॉरेस्ट्री एंड मैरीटाइम एम्प्लॉइज यूनियन) को टेंडर प्रक्रिया में दखल देने का मौका दिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्होंने यूनियन के लिए बैक डोर (चुपके से रास्ता) बनाया।

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    ऑस्ट्रेलिया शिक्षा मंत्री ने क्या कहकर छोड़ा पद?

    गुरुवार को अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए बेरी ने कहा कि वह पूरी जिम्मेदारी ले रही हैं और नहीं चाहतीं कि यह रिपोर्ट संसदीय सार्वजनिक तमाशा बन जाए। उन्होंने कहा कि वह अपनी ईमानदारी और नैतिक मूल्यों को बनाए रखते हुए कैबिनेट छोड़ रही हैं और एसीटी लेजिस्लेटिव असेंबली की सदस्य के तौर पर काम करती रहेंगी।

    उन्होंने कहा, "मैं कभी भी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटी, चाहे काम कितना भी मुश्किल क्यों न हो और इसमें कोई शक नहीं कि यह काम मुश्किल है।" उन्होंने आगे कहा, "मैं अपनी ईमानदारी और नैतिक मूल्यों को बनाए रखते हुए यह भूमिका छोड़ रही हूं और एक ज्यादा बराबरी वाले कैनबरा के लिए और भी जीत हासिल करने की उम्मीद करती हूं।"

    भारत में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा

    भारत में नीट-यूजी परीक्षा का पेपर लीक होने के आरोपों और प्रतियोगी परीक्षाओं में अन्य गड़बड़ियों को लेकर हफ्तों तक चले विरोध-प्रदर्शनों के बाद प्रधान का इस्तीफा आया। छात्र संगठनों, शिक्षा कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्षी दलों ने मांग की कि सरकार सबसे ऊंचे स्तर पर जवाबदेही तय करे।

    उनका कहना था कि एजुकेशन सिस्टम के इंचार्ज मिनिस्टर होने के नाते प्रधान को नाकामियों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और पद छोड़ देना चाहिए। भले ही इस्तीफे के कारण अलग-अलग थे, लेकिन दोनों मंत्रियों ने इसलिए पद छोड़ा क्योंकि उन्हें अपने डिपार्टमेंट में समस्याओं के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था।

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