दुनिया के सबसे बड़े एआई समिट में लांच होगा भारत का AI मॉडल, आ रहे हैं 100 देशों के प्रतिनिधि
भारत अपना AI मॉडल दुनिया के सबसे बड़े AI इंपैक्ट समिट में लॉन्च करेगा, जो 16-20 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित होगा। इसमें 100 देशों के प्रतिनिधि और वै ...और पढ़ें
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दुनिया के सबसे बड़े एआई समिट में लांच होगा भारत का AI मॉडल (फाइल फोटो)
HighLights
भारत का AI मॉडल वैश्विक AI इंपैक्ट समिट में लॉन्च होगा।
नई दिल्ली में 16-20 फरवरी को 100 देशों के प्रतिनिधि।
भारत विश्वसनीय और सुरक्षित AI मॉडल दुनिया को देगा।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भारत का अपना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) माडल तैयार हो गया है और इसे दुनिया के सबसे बड़े एआई इंपैक्ट समिट में लांच किया जाएगा। भारत ने एआई का 200 माडल विकसित किया है और आगे भी इस दिशा में कार्य जारी है।
यह समिट आगामी 16-20 फरवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने जा रहा है जहां 100 देशों के प्रतिनिधि आ रहे हैं। 15 देशों के राष्ट्राध्यक्ष तो गूगल, एनविडिया, माइक्रोसाफ्ट व रिलायंस जैसी 100 वैश्विक कंपनियों के सीईओ भी मौजूद रहेंगे।
इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को बताया कि भारत पूरी दुनिया को भरोसेमंद और सुरक्षित एआई माडल देना चाहता है। इसका मतलब हुआ है कि मान लीजिए कोई व्यक्ति बीमार पड़ता है और वह एआई से पूछता है कि इस बीमारी का इलाज क्या हो सकता है और एआई उसका जवाब दे देता है।
लेकिन एआई के जवाब पर तभी भरोसा किया जा सकता है जब एआई यह भी बताए कि उसके जवाब का स्त्रोत क्या है। तभी वह भरोसेमंद कहलाएगा। भारत में एआई से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर व अन्य संबंधित विकास पर अब तक 70 अरब डालर का निवेश हो चुका है और जल्द ही यह निवेश दोगुना होने की उम्मीद है।
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वैष्णव ने बताया कि एआई में भारत पूरी दुनिया खासकर गरीब देशों को भी ध्यान में रखते हुए अपने माडल को विकसित कर रहा है। सेमीकंडक्टर की तरह ही एआई के लिए भी भारत में बड़ी संख्या में कुशल युवा का बल तैयार किया जा रहा है। 500 से अधिक विश्वविद्यालयों में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया कराकर वहां के छात्रों को एआई की पूरी जानकारी दी जाएगी।
प्रधानमंत्री के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार की अध्यक्षता में एआई को गवर्नर करने के लिए एक समग्र नीति तैयार की जा रही है। इसके अलावा एआई इकोनामिक काउंसिल बनाने पर भी सरकार विचार कर सकती है। गत गुरुवार को पेश होने वाले आर्थिक सर्वेक्षण में इस काउंसिल की स्थापना की सिफारिश की गई थी।
वैष्णव ने कहा कि एआई के प्रसार की गति को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि कुछ साल क्या, कुछ महीनों में ही बहुत कुछ बदलने वाला है। लेकिन अब एआई के कारण घरेलू स्तर पर नौकरी जाने का खतरा कम लग रहा है। इस साल आईटी उद्योग में पिछले साल के मुकाबले 33 प्रतिशत अधिक लोगों को रोजगार दिया गया है।
एआई इंपैक्ट समिट सात थीम पर आधारित है। इनमें आर्थिक व सामाजिक भलाई के लिए एआई, सबको एआई का समान अवसर, सुरक्षित व भरोसेमंद एआई,सामाजिक सशक्तिकरण, विज्ञान के लिए एआई, मानव संसाधन के लिए एआई और इनोवेशन के लिए आई शामिल है।