विपक्ष की बैठक में हमीं से मुहब्बत और लड़ाई: राहुल गांधी ने पार्टियों को दिया प्यार का भरोसा, क्या होगी आगे की रणनीति?
विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की बैठक में कांग्रेस को क्षेत्रीय दलों से 'हमीं से मुहब्बत, हमीं से लड़ाई' जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा। ...और पढ़ें
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INDIA ब्लॉक की बैठक के दौरान राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे
HighLights
कांग्रेस को क्षेत्रीय दलों से मिली 'मुहब्बत और लड़ाई' की स्थिति।
अखिलेश यादव ने कांग्रेस से क्षेत्रीय दलों के प्रति बड़ा दिल दिखाने को कहा।
ममता बनर्जी और उमर अब्दुल्ला ने कांग्रेस की केंद्रीय भूमिका मानी।
संजय मिश्र, जागरण। नई दिल्ली विपक्षी गठबंधन आईएनडीआईए की बैठक के दौरान कांग्रेस को 'हमी से मुहब्बत, हमी से लड़ाई' जैसी स्थिति से रूबरू होना पड़ा।
वामपंथी दलों, समाजवादी पार्टी से लेकर राजद जैसे दलों ने बेशक राष्ट्रीय राजनीति में कांग्रेस की बड़ी भूमिका की बात बेझिझक स्वीकार की मगर राज्य की राजनीति में क्षेत्रीय दलों को लेकर उसके रवैये पर नाखुशी का इजहार करने से गुरेज भी नहीं किया।
इन दलों ने साफ कहा कि आईएनडीआईए गठबंधन की मजबूती तथा एकजुटता के लिए राज्यों में भी कांग्रेस के नेताओं-कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय नेतृत्व की कार्यशैली के अनुरूप सहयोग-समन्वय की जरूरत है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तो साफ कहा कि राष्ट्रीय राजनीति में भाजपा के खिलाफ कांग्रेस की बड़ी भूमिका है और इसलिए उसे क्षेत्रीय दलों को लेकर बड़ा दिल दिखाना चाहिए।

पांच राज्यों के चुनाव नतीजों से बदली परिस्थिति
बंगाल समेत पांच राज्यों के चुनाव नतीजों से बदली परिस्थितियों के मद्देनजर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भी भाजपा के खिलाफ विपक्ष की साझा लड़ाई में कांग्रेस की केंद्रीय भूमिका मानते हुए आईएनडीआईए की रणनीति तय करने की जिम्मेदारी उसी पर छोड़ने की बात कही।
वहीं नेशनल कांफ्रेंस के नेता जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि विपक्षी दलों को राष्ट्रीय स्तर पर एक साथ लाने के लिए कांग्रेस ही एकमात्र 'चुंबक' है।
विपक्षी गठबंधन की करीब 10 महीने बाद राजधानी दिल्ली में हुई इस बैठक में शामिल कुछ नेताओं ने कांग्रेस से जताई गई उम्मीदें और नाराजगी दोनों की पुष्टि की।
सूत्रों ने कहा कि तमाम क्षेत्रीय दलों के नेताओं की कांग्रेस के प्रति जताए 'हमीं से मुहब्बत, हमीं से लड़ाई' के इस भाव को सुनने के बाद अंत में लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने जवाब में केवल इतना कहा कि कांगेस की ओर से सभी को 'स्नेह और प्रेम' मिलेगा।
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विपक्षी गठबंधन के बीच एकजुटता पर फोकस
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बैठक का संक्षिप्त विषय वस्तु रखते हुए चर्चा की शुरूआत की। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद अखिलेश यादव ने अपनी बात रखते हुए विपक्षी गठबंधन के बीच एकजुटता पर फोकस की जरूरत बताते हुए साफ कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस का जो सहयोग-समन्वय है वह राज्यों में नहीं है।
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इसलिए कांग्रेस से अपील है कि वह क्षेत्रीय दलों के प्रति बड़ा दिल दिखाए क्योंकि चाहे एसआईआर हो या वोट चोरी का मामला सहयोगी दलों को साथ लेकर लड़ाई लड़ने की बड़ी जिम्मेदारी उसी की है।
राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी अखिलेश की बातों से सहमति जताते हुए कहा कि भाजपा 2029 की तैयारी में लग गई है और हमें भी तैयारी शुरू करनी चाहिए।
सूत्रों के अनुसार माकपा नेता जान ब्रिटास तथा डी राजा ने केरल चुनाव में वामपंथी दलों के भाजपा से सांठ-गांठ करने के राहुल गांधी के आरोपों का मामला उठाते हुए कहा कि इससे विपक्षी एकता कैसे मजबूत होगी।

राहुल ने दिया पार्टियों को प्यार का भरोसा
सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी ने इसके जवाब में कहा कि राज्य इकाई अपने सियासी आकलन के आधार पर कुछ बातें निर्धारित करती है जो स्थानीय जरूरत के अनुरूप होते हैं और इसलिए इसे केवल राज्य के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।
ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए उद्धव ठाकरे ने विपक्षी दलों की सक्रियता और एकजुटता के लिए जल्दी-जल्दी बैठक बुलाने का सुझाव दिया जिसके बाद हर दो महीने में आईएनडीआईए की बैठक बुलाने पर सहमति बनी।
उमर अब्दुल्ला ने पांच राज्यों के नतीजों की निराशा को पीछे छोड़ने की हिमायत करते हुए सामुहिक आत्मचिंतन की पैरोकारी की और कहा कि आइनडीआइए अपने पहले प्रयास में मोदी सरकार को अल्पमत में लाने में सफल रहा और इस दृष्टि से सकारात्मक होकर 2029 के लिए जुटना होगा।
उमर ने कहा कि हम सभी क्षेत्रीय दलों को इस हकीकत को स्वीकार करना चाहिए कि कांग्रेस ही विपक्षी दलों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एकजुटता का चुंबक है।

इन मुद्दों पर बैठक में हुई चर्चा
ममता बनर्जी ने स्वाभाविक रूप से बंगाल चुनाव में चुनावी लूट का दावा करते हुए बैठक में सिलसिलेवार चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट, केंद्रीय बलों से लेकर अन्य एजेंसियों की भूमिका का ब्यौरा रखा।
सूत्रों के अनुसार अखिलेश यादव ने ममता के दावों का समर्थन करते हुए कहा उत्तरप्रदेश के मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव में ऐसे ही कथित चुनावी लूट की बात कही। सपा नेता ने यह भी दावा किया कि ममता बनर्जी हारी नहीं बल्कि चुनाव लूटा गया है।

उद्धव ठाकरे ने टीएमसी प्रमुख का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि दीदी शेरनी की तरह सत्ता और भाजपा से लड़ी। राहुल गांधी ने कहा कि ममता बनर्जी 90 प्रतिशत आश्वस्त हैं कि चुनाव लूटा गया है तो अखिलेश और तेजस्वी 40 प्रतिशत आश्वस्त हैं कि उनके राज्यों में ऐसा हुआ मगर वे सौ फीसद आश्वस्त हैं कि बंगाल ही नहीं महाराष्ट्र, हरियाणा, मध्यप्रदेश जैसे पिछले कई चुनाव चोरी किए गए हैं।
बैठक में काकारोच जनता पार्टी के मुद्दे को भी कुछ नेताओं ने उठाया और सबने इसे युवाओं के आक्रोश का प्रतीक बताते हुए सिविल सोसाइटी के ऐसे आंदोलनों का समर्थन करने की बात कही।
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