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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Israel Hamas Conflict: इजरायल में फंसे 18 हजार भारतीय, Operation Ajay के तहत कब होगी वतन वापसी; विदेश मंत्रालय ने दी अहम जानकारी

    By AgencyEdited By: Shashank Mishra
    Updated: Thu, 12 Oct 2023 05:59 PM (IST)

    इजराइल में हमास के हमले में कथित तौर पर घायल हुई केरल की महिला पर भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार को कहा कि हमने अब तक किसी ...और पढ़ें

    इजरायल और हमास विवाद पर आया विदेश मंत्रालय का बयान।
    इजरायल और हमास विवाद पर आया विदेश मंत्रालय का बयान।

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। इजरायल-फलस्तीन विवाद में फंसे भारतीयों को स्वदेश लाने के लिए शुरु किये गये आपरेशन अजय के जरिए 230 भारतीयों की पहली खेप स्वदेश पहुंच सकती है। यह जानकारी विदेश मंत्रालय में प्रवक्ता अ¨रदम बागची ने दी। उन्होंने बताया कि इजरायल में तकरीबन 18 हजार भारतीय हैं। इनमें से काफी संख्या में लोगों ने भारत सरकार से वापस लौटने के लिए संपर्क साधा है।

    इसके लिए आपरेशन अजय की शुरुआत की गई है। जिसके तहत पहली चार्टर्ड फ्लाइट गुरुवार को देर शाम तेल अवीव पहुंचेगी और शुक्रवार को सुबह भारतीयों को वापस ले कर लौट आएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जरूरत पड़ने पर सरकार भारतीय वायु सेना के विमानों की मदद भी ले सकती है, अभी सिर्फ चार्टर्ड विमानों की मदद ली जा रही है।

    इजरायल में फंसे लोगों की होगी वतन वापसी

    बागची ने बताया कि इजरायल में 18 हजार के करीब भारतीयों के अलावा दर्जन भर भारतीय गाजा पट्टी में भी उपस्थित हैं। इसमें कश्मीर राज्य की एक भारतीय महिला भी है जिसकी जानकारी विदेश मंत्रालय को है। इनके वापस निकालने के बारे में उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर ऐसा किया जा सकता है। फिलहाल इजरायल में रहने वाले सभी भारतीयों से कहा गया है कि वह तेल अवीव स्थित दूतावास से संपर्क करें और सरकार की बेवसाइट पर पंजीयन करायें। इससे भविष्य में कोई आपातकालीन स्थिति में कदम उठाया जा सकेगा।

    बागची ने कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को आपरेशन विजय के शुरुआत को लेकर एक विशेष बैठक की अध्यक्षता की। विदेश मंत्रालय लगातार अपने तेल अवीव स्थित दूतावास व खाड़ी क्षेत्र के कई देशों जैसे मिस्त्र, सीरिया आदि के संपर्क में हैं। हम पूरी स्थिति पर काफी करीबी नजर बना कर रखे हुए हैं। उधर, तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास चौबीसों घंटे काम कर रहा है और सभी भारतीयों से संपर्क स्थापित करने की कोशिश हो रही है ताकि आपातकालीन स्थिति में सभी को बाहर निकालने का काम हो सके।

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    दूतावास के अधिकारी वहां कार्यरत भारतीय कंपनियों और इनके कर्मचारियों से, विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले भारतीयों छात्रों से और बतौर नर्स काम करने वाले भारतीयों से अलग-अलग समूह में संपर्क साधा जा रहा है। दूतावास का हर कर्मचारी लगातार काम कर रहा है और अधिकांश मामलों में आनलाइन बैठक की जा रही है।

    इजरायल पर हमास के हमले को भारत ने आतंकवादी हमला कहा

    भारतीय दूतावास की तरफ से सोशल मीडिया पर भी जानकारी दी जा रही है। बताया गया है कि अगले दो-तीन दिन काफी महत्वपूर्ण हैं और हालात को देख कर ही अंतिम फैसला किया जाएगा। यह पूछे जाने पर कि इजरायल पर हुए हमले को भारत किस तरह से देखता है तो बागची ने कहा कि यह आतंकवादी हमला था। जहां तक इजरायल-फलस्तीन विवाद का मामला है तो भारत का इस बारे में स्पष्ट नीति है। भारत दो राष्ट्र सिद्धांत को मानता है। भारत एक स्वतंत्र व संप्रभु फलस्तीन राष्ट्र का समर्थन करता है और मानता है कि इजरायल और फलस्तीन दोनों एक साथ रह सकते हैं।