सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ नई जंग, 14 साल की लड़कियों के लिए फ्री HPV वैक्सीनेशन ड्राइव चलाएगी सरकार
मोदी सरकार 14 साल की लड़कियों के लिए सर्विकल कैंसर से बचाव हेतु एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू कर रही है। हर साल लगभग 1.5 करोड़ लड़कियों को मुफ्त एकल खुरा ...और पढ़ें

14 साल की लड़कियों को मुफ्त एचपीवी टीका मिलेगा
HighLights
14 साल की लड़कियों को मुफ्त एचपीवी टीका मिलेगा
हर साल 1.5 करोड़ लड़कियों को एकल खुराक दी जाएगी
सर्विकल कैंसर से बचाव में 93-100% प्रभावी है
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। स्वस्थ्य नारी, सशक्त समाज की अवधारणा को मजबूती देने के लिए मोदी सरकार देश भर के 14 साल की लड़कियों को सर्विकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी (ह्यूमन पापिलोमा वायरस) टीका लगाने का अभियान शुरू करने जा रही है।
हर साल लगभग 80 हजार महिलाएं एचपीवी की वजह से होने वाले कैंसर से पीडि़त पायी जाती हैं और 40 हजार महिलाओं की इससे मौत हो जाती है। स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है और कभी भी इस अभियान को शुरू किया जा सकता है।
14 साल की लड़कियों को मुफ्त वैक्सीनेशन
उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार अभियान के तहत सिर्फ 14 साल की लड़कियों को एचपीवी टीके का एकल डोज दिया जाएगा। इस बारे में पूछने पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन समेत कई अध्ययन से साफ हुआ है कि 14 साल की उम्र में दिए गया टीका का एक डोज भी दो या तीन डोज के समान प्रभावी है। उनके अनुसार देश में हर साल लगभग डेढ़ करोड़ लड़कियां 14 साल की उम्र सीमा में पहुंचती है।
इस तरह से अभियान के तहत हर साल 1.5 करोड़ लड़कियों को यह टीका लगाया जाएगा। यह टीका पहले से चले आ रहे सार्वभौमिक टीकाकरण अभियान से अलग होगा, जिसके तहत विभिन्न बीमारियों से बचाने के लिए बच्चों को 12 तरह से टीके अलग-अलग लगाए जाते हैं।
खबरें और भी
सर्विकल कैंसर से बचाव
वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार एचपीवी टीका पूरी दुनिया में महिलाओं को कैंसर से बचाव के लिए सुरक्षित साबित हुआ है और अब तक 50 करोड़ से अधिक महिलाओं को लगाया भी जा चुका है। यह एसपीवी से होने वाले कैंसर को रोकने में 93 से 100 फीसद तक सक्षम पाया गया है।
दुनिया के 160 देश पहले ही एचपीवी टीके को अपना चुके हैं, जिनमें से 90 देशों ने एकल डोज अपनाया है।वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार अभियान के तहत यह टीका 14 साल की सभी लड़कियों को मुफ्त लगाया जाएगा।
इसके लिए सभी राज्यों में ब्लाक स्तर तक इस उम्र की लड़कियों की पहचान की जा रही है। सरकार की कोशिश है कि टीकाकरण से एक भी नहीं छूटे। इसके लिए पूरे अभियान की डिजिटल मानिटरिंग भी की जाएगी।