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    देश के जलाशयों में तेजी से घट रहा पानी, 2 महीने में 22% कम हुआ स्टॉक; गर्मियों में बढ़ा जल संकट का खतरा

    Updated: Sun, 12 Apr 2026 11:51 AM (IST)

    केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, देश के 166 बड़े जलाशयों में पानी का स्तर तेजी से गिर रहा है। कुल स्टोरेज क्षमता का केवल 44.71% बचा है, जिसमें दो महीने में ...और पढ़ें

    देश के जलाशयों में तेजी से घट रहा पानी।       (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश के 166 बड़े जलाशयों में पानी का स्तर तेजी से गिर रहा है। केंद्रीय जल आयोग के 9 अप्रैल को ताजा बुलेटिन के अनुसार, इन जलाशयों में कुल स्टोरेज घटकर 82.02 अरब घन मीटर रह गया है, जो कुल क्षमता का सिर्फ 44.71 प्रतिशत है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर यही रफ्तार जारी रही तो आने वाले महीनों में गंभीर जल संकट पैदा हो सकता है।

    फरवरी का बाद से पानी तेजी से घट रहा है। दो महीने में ही इसमें 22 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इसमें गर्मियों में जल संकट की आशंका बढ़ गई है। ज्यादातर नदी बेसिन अब 30 प्रतिशत से 60 फीसदी क्षमता के बीच चल रहे हैं। बिहार का चंदन डैम पूरी तरह सूख गया है। आयोग का कहना है कि स्थिति पिछले साल और 10 साल के औसत से बेहतर है, पर गिरावट की रफ्तार चिंता का विषय है।

    देश के अन्य प्रमुख जलाशयों की हालत चिंताजनक

    • असम का खांडोंग – 28%
    • कर्नाटक का तातिहल्ला – 16%
    • केरल का पेरियार – 33%
    • तमिलनाडु का शोलायर – 13%
    • तमिलनाडु का वैगई – 26%
    • तेलंगाना का प्रियदर्शिनी जुराला – 42%
    • पश्चिम बंगाल का कांग्साबाती – 34%

    पंजाब और राजस्थान में सबसे तेज गिरावट

    राज्यों के स्तर पर देखें तो सबसे अधिक गिरावट पंजाब और राजस्थान में दर्ज की गई है।

    • पंजाब – 73.72% गिरावट
    • राजस्थान – 47.82%
    • महाराष्ट्र – 45.55%
    • हिमाचल प्रदेश – 30.69%
    • गुजरात – 26.33%
    • मध्य प्रदेश – 23.79%
    • बिहार – 22.81%

    दक्षिण भारत सबसे ज्यादा प्रभावित

    क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार, पूरे देश में जल स्तर घटा है, लेकिन दक्षिण भारत सबसे ज्यादा प्रभावित है।

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    • उत्तर: 61.96% से घटकर 43.87%
    • पूर्व: 64.32% से 42.20%
    • पश्चिम: 78.06% से 53.65%
    • मध्य: 69.11% से 51.77%
    • दक्षिण: 59.16% से घटकर 33.63%

    नदी बेसिन भी आधे से नीचे

    देश का कोई भी प्रमुख नदी बेसिन फिलहाल पूरी क्षमता पर नहीं है। बड़े बेसिनों की स्थिति इस प्रकार है।

    • तापी – 60.71%
    • गंगा – 53.8%
    • महानदी – 52.17%
    • गोदावरी – 47.58%
    • नर्मदा – 46.09%
    • कावेरी – 42.75%
    • कृष्णा – 31.31%

    उत्तर-पश्चिम में सिंधु 41.52% और ब्रह्मपुत्र 35.20% पर है, जबकि माही बेसिन 48.70% पर बना हुआ है।

    कम बारिश और बढ़ती मांग बनी वजह

    एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस गिरावट के पीछे जनवरी-फरवरी में कम बारिश और सिंचाई व बिजली उत्पादन के लिए बढ़ता पानी का उपयोग प्रमुख कारण हैं। हालांकि पिछले साल अच्छे मानसून के चलते जलाशय भरे हुए थे, लेकिन इस साल शुरुआती महीनों में पानी की खपत अधिक होने से स्टोरेज तेजी से घटा है।

    आने वाले समय के लिए चेतावनी

    फिलहाल जल स्तर पिछले साल से बेहतर जरूर है, लेकिन गिरावट की रफ्तार ने चिंता बढ़ा दी है। अगर समय रहते पानी के उपयोग और प्रबंधन पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो गर्मियों में कई राज्यों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।

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