Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Indian Economy: 2027 तक तीसरी बड़ी इकोनॉमी बनेगा भारत, डिजिटल इंडिया कार्यक्रम और युवा आबादी को होगा फायदा

    By Jagran NewsEdited By: Shashank Mishra
    Updated: Sun, 28 May 2023 09:13 PM (IST)

    भारतीय अर्थव्यवस्था पर देशी-विदेशी सभी एजेंसी का बढ़ रहा भरोसा। आर्थिक विशेषज्ञों के मुताबिक भारतीय अर्थव्यवस्था को डिजिटल इन्फ्रा के साथ सर्विस एक्सप ...और पढ़ें

    नीति आयोग के सीईओ ने कहा, बुनियादी सुविधाओं का काम पूरा, अब टेक ऑफ करने का समय।
    नीति आयोग के सीईओ ने कहा, बुनियादी सुविधाओं का काम पूरा, अब टेक ऑफ करने का समय।

    नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। पिछले नौ सालों में भारत में बुनियादी सुविधाओं के विकास और कोरोना काल में किए गए सरकारी प्रयासों की बदौलत भारतीय अर्थव्यवस्था पर देशी-विदेशी सभी एजेंसियों का भरोसा बढ़ता जा रहा है। सभी इस बात का भी अनुमान लगा रहे हैं कि जल्द ही भारतीय अर्थव्यवस्था अमेरिका और चीन के बाद दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी।

    गत शनिवार को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में मुख्यमंत्रियों के साथ नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में भी यह भरोसा दिखा। तभी बैठक के बाद नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने कहा कि भारत की बुनियादी सुविधाओं का काम पूरा हो गया है, अब टेकआफ करने का समय है। तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में डिजिटल भारत कार्यक्रम और युवा आबादी का होना काफी सहायक होगा।

    तीन दिन पहले आरबीआइ के गवर्नर शक्तिकांत दास ने भी कहा था कि वित्त वर्ष 2022-23 की विकास दर सात प्रतिशत को पार कर जाए तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं होनी चाहिए। भारतीय एजेंसियों के साथ विदेशी एजेंसियां भी भारत को लेकर ऐसा ही अनुमान लगा रही है, जबकि दुनिया के विकसित देश अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पिछले सप्ताह जर्मनी मंदी की चपेट में आ गया। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट की मानें तो दुनिया के सभी विकसित देश समेत चीन में भी मंदी की आशंका है। लेकिन भारत इससे अछूता रहेगा।

    7.5 ट्रिलियन डालर के स्तर को छू सकती है अर्थव्यवस्था

    एचएसबीसी इंडिया की मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजल भंडारी ने हाल ही में एक कार्यक्रम में कहा था कि भारतीय अर्थव्यवस्था में अगले दस साल तक 6.5 प्रतिशत की दर से विकास करने की क्षमता है और अगर कृषि और एमएसएमई जैसे सेक्टर का डिजिटाइजेशन हो जाता है तो विकास दर 7.5 प्रतिशत तक जा सकती है और भारतीय अर्थव्यवस्था वर्ष 2027 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकती है। जानकारों के मुताबिक औसत सात प्रतिशत की विकास दर रहने पर भारतीय अर्थव्यवस्था फिलहाल के 3.5 ट्रिलियन डालर से बढ़कर 7.5 ट्रिलियन डालर के स्तर को छू सकती है।

    खबरें और भी

    सबसे तेज गति से विकास करने वाला देश होगा भारत

    पिछले सप्ताह मूडीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि वर्ष 2022 में भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार 3.5 ट्रिलियन डालर के पार चला गया है और अगले कुछ सालों में भारत जी-20 देशों के बीच सबसे तेज गति से विकास करने वाला देश होगा।

    मूडीज ने कहा कि भारतीय विकास को मुख्य रूप से युवा और शिक्षित वर्कफोर्स, तेजी से हो रहे शहरीकरण, इन्फ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले सरकारी खर्च, कार्बन उत्सर्जन के नेट जीरो को लेकर प्रतिबद्धता और निजी खपत में होने वाली बढ़ोतरी से हो रही है।