इंदिरम्मा हाउसिंग स्कीम फेज-2: तेलंगाना में 2.5 लाख घरों के निर्माण को मंजूरी, जानिए पात्रता, फायदे और आवेदन प्रक्रिया
तेलंगाना सरकार ने इंदिरम्मा हाउसिंग स्कीम के दूसरे चरण में 2.5 लाख नए घर बनाने को मंजूरी दी है, जिसका निर्माण 1 जून से शुरू होगा। ...और पढ़ें

इंदिरम्मा हाउसिंग स्कीम फेज-2। (यह तस्वीर एआई द्वारा एडिट की गई है)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तेलंगाना सरकार ने राज्य को कच्चे मकानों से मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए इंदिरम्मा हाउसिंग स्कीम के दूसरे चरण के तहत 2.5 लाख नए घरों के निर्माण को मंजूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। योजना के तहत 1 जून से निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा और राज्य की प्रत्येक विधानसभा सीट को 2,000 घरों का आवंटन किया गया है।
सरकार का कहना है कि यह योजना गरीब और बेघर परिवारों को सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में अहम पहल साबित होगी।
अधूरे घरों को पूरा करने के लिए भी मदद
कैबिनेट ने उन लोगों के लिए भी आर्थिक सहायता की घोषणा की है जिनके मकान निर्माण अधूरे रह गए थे। जिन घरों की दीवारें बन चुकी हैं लेकिन स्लैब नहीं पड़ा, उन्हें 2 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। जिन घरों का निर्माण केवल फाउंडेशन स्तर तक हुआ है, उन्हें 3 लाख रुपये दिए जाएंगे।
ये सहायता राशि अविभाजित आंध्र प्रदेश के दौरान कांग्रेस सरकार के समय शुरू हुए अधूरे आवासों को पूरा करने के लिए दी जाएगी।
क्या है इंदिरम्मा इंदलु हाउसिंग स्कीम?
इंदिरम्मा इंदलु हाउसिंग स्कीम तेलंगाना सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य गरीब, बेघर और भूमिहीन परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है।
इस योजना के तहत पात्र परिवारों को मुफ्त जमीन और घर बनाने के लिए 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
सरकार ने इस योजना के लिए करीब 22,000 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए भेजी जाएगी।
योजना के तहत क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?
योजना के अंतर्गत बनने वाले प्रत्येक घर का क्षेत्रफल कम से कम 400 वर्ग फीट होगा। घरों में बुनियादी सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाएगा। इनमें RCC छत, रसोईघर, शौचालय, सुरक्षित और पक्का निर्माण शामिल हैं।
सरकार का लक्ष्य सिर्फ घर देना नहीं बल्कि गरीब परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाना और उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना भी है।
किन वर्गों को मिलेगा प्राथमिकता?
सरकार ने कहा है कि योजना में समाज के कमजोर वर्गों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें दलित समुदाय, आदिवासी परिवार, अल्पसंख्यक वर्ग, दिव्यांगजन, सफाई कर्मचारी, आर्थिक रूप से कमजोर परिवार शामिल हैं। इसके अलावा तेलंगाना आंदोलन से जुड़े पात्र कार्यकर्ताओं को 250 वर्ग मीटर जमीन देने का भी प्रावधान किया गया है।
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कौन लोग कर सकते हैं आवेदन?
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं।
पात्रता शर्तें
- आवेदक तेलंगाना का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- आवेदक के पास पहले से कोई पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
- परिवार आर्थिक रूप से कमजोर या BPL/EWS श्रेणी में होना चाहिए।
- भूमिहीन और बेघर परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।
आवेदन कैसे करें?
सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन रखा है ताकि लोग आसानी से आवेदन कर सकें।
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
Step 1: सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं:
https://indirammaindlu.telangana.gov.in/
Step 2: होमपेज पर दिखाई देने वाले “Apply Online” विकल्प पर क्लिक करें।
Step 3: अब आवेदन फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरें, जैसे:
- नाम
- मोबाइल नंबर
- पता
- जन्मतिथि
- ईमेल आईडी
Step 4: जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- आयु प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर
आवेदन के बाद क्या होगा?
फॉर्म जमा करने के बाद आवेदक को एक रसीद या कन्फर्मेशन संदेश मिलेगा। इसके जरिए आवेदक अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकेगा।
पोर्टल पर आवेदन की स्थिति इस प्रकार दिखाई देगी।
Accepted
Pending
Under Review
सरकार का क्या है लक्ष्य?
तेलंगाना सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य सिर्फ मकान बनाना नहीं बल्कि गरीब परिवारों को स्थायी सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन देना है।
यह योजना खास तौर पर, ग्रामीण गरीबों, भूमिहीन मजदूरों, छोटे किसानों और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर केंद्रित है।
सरकार का दावा है कि इंदिरम्मा हाउसिंग स्कीम राज्य में 'हर परिवार को पक्का घर' मिशन को मजबूत करेगी और आने वाले वर्षों में कच्चे मकानों की समस्या को काफी हद तक खत्म कर देगी।
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