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    क्यों गायब हुई सिंधु घाटी सभ्यता? IIT के वैज्ञानिकों ने बताया असली कारण; नई रिसर्च में बड़ा खुलासा

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 06:31 PM (IST)

    IIT गांधीनगर के वैज्ञानिकों के शोध से पता चला है कि सिंधु घाटी सभ्यता के पतन का मुख्य कारण लंबे समय तक सूखा था। बारिश में कमी और तापमान में वृद्धि के ...और पढ़ें

    क्यों गायब हुई सिंधु घाटी सभ्यता (फाइल फोटो)

    क्यों गायब हुई सिंधु घाटी सभ्यता (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. सिंधु घाटी सभ्यता का पतन

    2. लंबे सूखे के कारण सभ्यता नष्ट

    3. पानी की कमी मुख्य कारण

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत की सबसे रहस्यमयी और प्राचीन सभ्यताओं में से एकसिंधु घाटी सभ्यताआखिर क्यों गायब हो गई? हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, राखीगढ़ी और लोथल जैसे शानदार शहरों वाली यह सभ्यता हजारों साल फली-फूली, लेकिन फिर धीरे-धीरे खत्म हो गई। अब IIT गांधीनगर के वैज्ञानिकों की नई रिसर्च बताती है कि इसका सबसे बड़ा कारण था- लंबे समय तक चलने वाले सूखे।

    सिंधु नदी इस सभ्यता की जान थीऔर खेती, व्यापार और रोजमर्रा की जरूरतें सभी इसी पर निर्भर थीं। नई स्टडी में वैज्ञानिकों ने पुराने जलवायु रिकॉर्ड, गुफाओं के नमूने, झीलों की मिट्टी और क्लाइमेट मॉडल का इस्तेमाल कर हजारों साल का मौसम समझा।

    रिसर्च में पता चला कि समय के साथ इस इलाके में बारिश 10-20% तक कम होने लगी और तापमान लगभग 0.5°C बढ़ गया। सबसे बड़ी बात4450 से 3400 साल पहले के बीच चार बड़े सूखे पड़े, जिनमें से एक सूखा 164 साल तक चला और इसने सभ्यता के 91% हिस्से को प्रभावित किया।

    खेती बदली और बस्तियां बदलीं

    शुरू में लोग ऐसे इलाकों में रहते थे जहां बारिश अच्छी होती थी, लेकिन पानी की कमी बढ़ने पर वे सिंधु नदी के पास बसने लगे। लेकिन लंबे सूखे के कारण नदी के बहाव में भी कमी आई। वैज्ञानिकों को पौधों के अवशेषों से पता चला कि किसानों ने गेहूं और जौ छोड़कर बाजरा जैसी सूखा-सहनशील फसलें उगानी शुरू कीं। फिर भी लगातार सूखे ने हालात बिगाड़ दिए।

    खबरें और भी

    गुफाओं और झीलों के रिकॉर्ड बताते हैं कि पानी के स्रोत तेजी से घट रहे थे। आखिरी और सबसे बड़ा सूखाजो 100 साल चलाउस दौरान बड़े शहर खाली होने लगे और लोग छोटे-छोटे गांवों में फैल गए।

    दुनिया के मौसम में बदलाव का भी असर

    रिसर्च में यह भी सामने आया कि दुनिया के बड़े मौसम बदलाव, जैसे एल-नीनो और उत्तरी अटलांटिक में ठंड बढ़ना, भारतीय मानसून को कमजोर कर रहे थे। समुद्र के गर्म होने से जमीन-समुद्र के तापमान में फर्क कम हुआ और मानसून की बारिश लगातार घटती गई। इससे सूखे और तेज हो गए।

    धीरे-धीरे खत्म हुई सभ्यता

    • पहले माना जाता था कि यह सभ्यता अचानक खत्म हो गई, लेकिन नई स्टडी साफ करती है कि यह धीमी और लंबी प्रक्रिया थी।
    • पानी की कमी मुख्य कारण थी, लेकिन लोग खेती बदलकर, जगह बदलकर, छोटे समूहों में बसकर काफी समय तक मुकाबला करते रहे।
    • आखिर में शहर टूटकर छोटे-छोटे समुदायों में बदल गए, यानी सभ्यता पूरी तरह गायब नहीं हुई, बल्कि रूप बदलती गई।

    आज के समय के लिए सबक

    सिंधु घाटी सभ्यता की कहानी बताती है कि पानी की कमी किसी भी बड़ी सभ्यता को हिला सकती है। यह हमें आज के समय में भी सतर्क करती है, जब जलवायु परिवर्तन और पानी की कमी एक बड़ा खतरा बने हुए हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि भविष्य में ग्लोबल वार्मिंग बढ़ने से भारतीय मानसून में कुछ बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जो एक राहत की बात हैलेकिन पानी का सही उपयोग और प्रबंधन फिर भी बेहद जरूरी है।

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