ईरान संकट: ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने जयशंकर को किया कॉल, बदलती स्थिति पर की चर्चा
ईरान में जारी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों और बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बुधवार देर शाम भारत के विदेश म ...और पढ़ें

ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने जयशंकर को किया कॉल (फोटो- एक्स)
HighLights
अमेरिका ने मंगलवार को अपने नागरिकों को "ईरान तुरंत छोड़ देने" की सलाह दी
ईरान भर में विरोध प्रदर्शन बढ़ रहे हैं और हिंसक रूप ले सकते हैं
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान में जारी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों और बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बुधवार देर शाम भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर को फोन किया। दोनों नेताओं ने ईरान और उसके आसपास की "बदलती स्थिति"पर विस्तार से चर्चा की।
विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा:
"ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया था। हमने ईरान और उसके आसपास की बदलती स्थिति पर चर्चा की।"
यह फोन कॉल ऐसे समय में हुआ है जब ईरान में 28 दिसंबर 2025 से शुरू हुए व्यापक विरोध प्रदर्शन अब पूरे 31 प्रांतों में फैल चुके हैं। प्रदर्शन मुख्य रूप से आर्थिक संकट, महंगाई, रियाल की गिरावट और शासन के खिलाफ नाराजगी से उपजे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने "डेथ टू खामेनेई" जैसे नारे लगाए हैं और कई जगहों पर शाह के युग के प्रतीकों का इस्तेमाल किया गया है।
मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, सुरक्षा बलों की कड़ी कार्रवाई में 2,000 से 3,000 से अधिक प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं, जिसमें बच्चे और युवा शामिल हैं। हजारों गिरफ्तारियां हुई हैं।
ईरान सरकार ने इंटरनेट ब्लैकआउट, टेलीफोन सेवाओं पर पाबंदी और संचार माध्यमों को सीमित कर दिया है, जिससे प्रदर्शनों की सटीक जानकारी बाहर आना मुश्किल हो गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बयान दिए हैं और ईरान पर सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है, जबकि इजरायल ने भी स्थिति पर टिप्पणियां की हैं। ईरान ने इन प्रदर्शनों को "अमेरिका और इजरायल द्वारा समर्थित" बताया है।
भारत ने जारी की नई ट्रैवल एडवाइजरी
इस बदलती स्थिति के मद्देनजर भारत सरकार ने ईरान के लिए ताजा ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। विदेश मंत्रालय (MEA) और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने कहा है:
- भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचना चाहिए।
- ईरान में मौजूद भारतीय (छात्र, तीर्थयात्री, व्यापारी, पर्यटक) उपलब्ध साधनों से (वाणिज्यिक उड़ानों सहित) जल्द से जल्द ईरान छोड़ दें।
- विरोध प्रदर्शनों या रैलियों वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
- स्थानीय समाचारों, भारतीय दूतावास की वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल पर नजर रखें।
- निवास वीजा पर रहने वाले भारतीय दूतावास में पंजीकरण कराएं (यदि पहले नहीं किया)।
- पासपोर्ट, आईडी और अन्य दस्तावेज तैयार रखें और आपात स्थिति में दूतावास से संपर्क करें।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने भी अपने नागरिकों को "तुरंत ईरान छोड़ने" की सख्त सलाह दी है। कई एयरलाइंस ने ईरान से उड़ानें सीमित या रद्द कर दी हैं, और 16 जनवरी तक सेवाएं निलंबित हैं।
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यह कूटनीतिक संपर्क भारत की क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने की कोशिश को दर्शाता है, जबकि पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। भारत ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और शांतिपूर्ण समाधान की अपील की है।