यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Israel-Iran में पुरानी है अदावत, पहले भी इन ईरानी जनरल्स और वैज्ञानिकों की हो चुकी है हत्या
Israel-Iran Tension 1 अप्रैल को इजरायल के द्वारा सीरिया में ईरानी दूतावास पर हमले ने ईरान और इजरायल के बीच टेंशन बढ़ा दी है। ईरान ने इस हमले में उनके ...और पढ़ें

HighLights
- 27 नवंबर 2020 को ईरान के मुख्य न्यूक्लियर साइंटिस्ट की तेहरान में हुई थी हत्या
- मोहसिन को ईरान के परमाणु कार्यक्रम का जनक कहा जाता था
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 1 अप्रैल को इजरायल के द्वारा सीरिया में ईरानी दूतावास पर हमले ने ईरान और इजरायल के बीच टेंशन बढ़ा दी है। ईरान ने इस हमले में उनके दो जनरल समेत सात अफसरों की मौत की होने का दावा किया है।
अपने दूतावास पर हमला होने के बाद ईरान ने इजरायल को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी थी। इसके बाद अमेरिका और इजरायल किसी भी प्रकार के हमले के लिए अलर्ट थे, इसकी रिपोर्ट भी उन्हें पहले मिल गई थी।
फिर ईरान ने शनिवार 13 अप्रैल की रात को इजरायल पर ड्रोन से सीधा हमला भी कर दिया। अब इजरायल ने समय आने पर ईरान को अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहने की बात कही है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब ऐसी घटना हुई और दोनों के बीच तनाव की स्थिति बनी है।
1 अप्रैल 2024: इजरायल ने ईरान के टॉप कमांडर को मारा
1 अप्रैल 2024 को सीरिया में ईरानी दूतावास पर हमले में सात की मौत हुई। इसमें ईरान के टॉप सैन्य कमांडर मोहम्मद रजा जाहेदी की मौत हो गई। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के अनुसार, मोहम्मद रजा जाहेदी ने 2016 तक लेबनान और सीरिया में विशिष्ट कुद्स फोर्स का नेतृत्व किया था।

जाहेदी ईरान-इराक युद्ध के एक अनुभवी और कुद्स फोर्स प्रमुख कासिम सुलेमानी के पूर्व विश्वासपात्र, जिनकी जनवरी 2020 में बगदाद में अमेरिका द्वारा हत्या कर दी गई थी। इस हमले में जाहेदी के डिप्टी जनरल मोहम्मद हादी हजरीहिमी और पांच अन्य अधिकारी भी मारे गए।
खबरें और भी
25 दिसंबर 2023: रणनीतिकार की हत्या
25 दिसंबर 2023 को दमिश्क में एक इजरायली हवाई हमले में एक टॉप रैंकिंग ईरानी जनरल की मौत हो गई थी। सीरिया में ईरानी अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के लंबे समय तक सलाहकार रहे सैयद राजी मौसवी की हत्या, इजरायल-हमास युद्ध के क्षेत्रीय स्तर पर फैलने की आशंकाओं के बीच हुई थी। सैय्यद रजी मौसवी, सीरिया और ईरान के बीच सैन्य गठबंधन के समन्वय के लिए जिम्मेदार थे।
27 नवंबर 2020: परमाणु वैज्ञानिक की हत्या
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, 27 नवंबर 2020 को ईरान के परमाणु कार्यक्रम के मुख्य न्यूक्लियर साइंटिस्ट मोहसिन फखरीजादेह की हत्या तेहरान में कार पर गोलीबारी कर हुई थी।
मोहसिन ईरान के सबसे प्रमुख परमाणु वैज्ञानिक थे। मोहसिन को ईरान के परमाणु कार्यक्रम का जनक कहा जाता था। उन्होंने ईरान के कथित परमाणु हथियार 'अमाद' या 'होप' कार्यक्रम का नेतृत्व किया था।

परमाणु वैज्ञानिक मोहसिन फखरीजादेह ईरान के परमाणु कार्यक्रम के जनक थे। फाइल फोटो।
इजरायल ने वर्ष 2018 में यह दावा किया था कि मोहसिन ने ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रमों की शुरुआत की थी। इजरायल के तत्कालीन पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि मोहसिन इनके परमाणु कार्यक्रम के प्रमुख वैज्ञानिक हैं। उन्होंने जोर देकर कहा था कि इस नाम को जरूर याद रखें।
वहीं, ईरान के विदेश मंत्री मुहम्मद जावद जरीफ ने एक ट्वीट में हत्या में इजराइल का हाथ होने का शक जताया था।
इसके पहले भी वर्ष 2010 और 2012 के बीच ईरान के चार परमाणु वैज्ञानिकों की हत्या कर दी गई थी। उस वक्त भी ईरान ने इन हत्याओं के लिए इजराइल को जिम्मेदार ठहराया था।