यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Polix Isro: इसरो के पोलिक्स उपकरण ने शुरू किया वैज्ञानिक अवलोकन, एजेंसी ने बताया मील का पत्थर
गत एक जनवरी को लॉन्च एक्स-रे पोलेरिमेट्री मिशन (एक्सपोसेट) पर मौजूद भारतीय एक्स-रे पॉलेरिमीटर (पोलिक्स) ने वैज्ञानिक अवलोकन शुरू कर दिया है। पोलिक्स ...और पढ़ें

HighLights
- गत 10 जनवरी पोलिक्स को दो चरणों में किया गया था सक्रिय
- इसरो ने प्रारंभिक अवलोकन को महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया
- प्रारंभिक अवलोकन पोलिक्स के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर
पीटीआई, बेंगलुरु। गत एक जनवरी को लॉन्च एक्स-रे पोलेरिमेट्री मिशन , (एक्सपोसेट) पर मौजूद भारतीय एक्स-रे पॉलेरिमीटर (पोलिक्स) ने वैज्ञानिक अवलोकन शुरू कर दिया है। पोलिक्स रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट, बेंगलुरु में एक्स-रे खगोलीय प्रयोगशाला द्वारा भारतीय उद्योग के सहयोग से स्वदेशी रूप से बनाया गया है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने मंगलवार को बताया कि क्रैब पल्सर की एक पल्स प्रोफाइल 15 से 18 फरवरी के बीच पोलिक्स द्वारा किए गए अवलोकनों से उत्पन्न हुई है। क्रैब पल्सर, एक चमकता तारा, क्रैब नेबुला के केंद्र के पास रहता है और प्रति सेकेंड अपनी धुरी पर 30 बार घूमता है।
पोलिक्स पेलोड दो चरणों में सक्रिय किया गया
एजेंसी ने बताया कि पोलिक्स पेलोड को 10 जनवरी को दो चरणों में सक्रिय किया गया था। प्रारंभिक स्कैन अवलोकन पहले लक्ष्य क्रैब पल्सर के आसपास आयोजित किए गए। इससे 15 से 18 जनवरी के बीच डाटा एकत्रित किया गया और पुष्टि के लिए पूरी तरह समीक्षा की गई और डाटा उम्मीदों के अनुरूप हैं।
XPoSat Mission:
— ISRO (@isro) February 13, 2024
POLIX is now set for active observation.
The pulse profile of the Crab pulsar generated from its observations validated the functionality.
POLIX was designed and developed by @RRI_Bangalore, indigenously, with able support from the industry. #XPOSAT… pic.twitter.com/4SMueNUrgM
प्रारंभिक अवलोकन पोलिक्स के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर
इसरो ने कहा कि प्रारंभिक अवलोकन पोलिक्स के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और यह पल्सर, ब्लैक होल और अन्य खगोलीय स्त्रोतों के अध्ययन के लिए इसकी कार्यक्षमता को प्रदर्शित करती है। इस ऊर्जा बैंट में डाटा की पेशकश करने वाले एकमात्र पेलोड के रूप में पोलिक्स खगोलीय एक्स-रे स्त्रोतों से जुड़ी भौतिक प्रक्रियाओं को समझने में मदद करने के लिए पूरी तरह तैयार है।