19 दिन जेल में बिताए, फिर चोरी कर ली पुलिस स्टेशन से कुर्सी... बेंगलुरु में जापानी छात्र ने क्यों किया ऐसा काम?
जापानी छात्र हिरोतोशी तनाका को बेंगलुरु में एक विवाद के बाद 19 दिन अवैध रूप से जेल में रखा गया था। सात साल की कानूनी लड़ाई के बाद उन्हें मुआवजा मिला ह ...और पढ़ें

जापानी छात्र ने गिरफ्तार होने के लिए चुराई एसपी ऑफिस की कुर्सी (फोटो- सोशल मीडिया)

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डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। 2019 में अंग्रेजी सीखने और भारत घूमने बेंगलुरु आए जापानी छात्र हिरोतोशी तनाका की लाइफ एक विवाद के बाद उसकी लाइफ पूरी तरह बदल गई। यहां एक कोचिंग सेंटर प्रमुख के साथ हुए झगड़े के बाद आरटी नगर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर 19 दिनों तक अवैध रूप से जेल में रखा।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, जापानी छात्र तनाका बेंगलुरु पहुंचकर एक निजी अंग्रेजी अकादमी में दाखिला लिया। वह अकादमी से असंतुष्ट था क्योंकि आरोप था कि कक्षाएं बार-बार रद की जा रही थीं और अनियमित रूप से संचालित हो रही थीं।
उसने कहा कि अकादमी प्रमुख से स्पष्टीकरण मांगने के बार-बार प्रयास अनुत्तरित रहे, जिससे तनाव बढ़ता गया। यह विवाद अंततः बहस में बदल गया। उसने आरोप लगाया कि उसे उकसाया गया, जिसके कारण उसे गुस्सा आ गया और उन्होंने अकादमी प्रमुख को घूंसा मार दिया।
झगड़े के बाद, आरटी नगर पुलिस ने उसके खिलाफ जानबूझकर चोट पहुंचाने और आपराधिक धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज किया। हालांकि, यह अपराध जमानती था, फिर भी तानाका को 23 नवंबर, 2019 को गिरफ्तार कर बेंगलुरु केंद्रीय जेल भेज दिया गया। उसे 11 दिसंबर को रिहा किए जाने से पहले 19 दिन जेल में बिताने पड़े।
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7 साल बाद मुकदमा जितने में कामयाब
कानूनी व्यवस्था न समझ पाने, भाषा की दिक्कत और गंभीर मेडिकल स्थिति (ADHD) के बावजूद वह पुलिस के खिलाफ मुकदमा जीतने में कामयाब रहा। 7 साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद, कर्नाटक सरकार ने अवैध हिरासत के लिए जापानी छात्र तनाका को 75,000 रुपये का मुआवजा दिया है।
क्योंकि मानवाधिकार आयोग ने माना था कि उन्हें 19 दिनों तक अनावश्यक रूप से न्यायिक हिरासत में रखा गया था।
गिरफ्तार होने के लिए चुराई एसपी ऑफिस की कुर्सी
इस लंबी कानूनी लड़ाई का सबसे अजीबोगरीब मोड़ 28 फरवरी 2021 की सुबह आया, जब आर्थिक तंगी से जूझ रहे और देश छोड़ने का आदेश झेल रहा तनाका आरटी नगर स्थित जेसी नगर एसीपी दफ्तर में घुसा और वहां से एक सफेद प्लास्टिक की कुर्सी उठाई, उसके साथ सेल्फी ली और उसे बीटीएम लेआउट स्थित अपने घर ले आए।
दरअसल, हिरोतोशी तनाका का इरादा चोरी करना नहीं था, बल्कि वह चाहते था कि पुलिस उसे गिरफ्तार कर ले, ताकि इस गिरफ्तारी के बहाने वे भारत में रहकर मानवाधिकार आयोग में दर्ज अपनी शिकायत की कानूनी लड़ाई जारी रख सकें।
हिरोतोशी तनाका का उद्देश्य उस 'भ्रष्ट' पुलिसकर्मी का पर्दाफास करना था, जिसने उसे फर्जी केस में फंसाया था। हालांकि, कर्नाटक हाई कोर्ट ने केस खारिज कर दिया, जिसके बाद अधिकारियों ने 28 फरवरी तक भारत छोड़ने का आदेश दिया। वह चाहता था कि भारत में ही रहकर खुद को बेकसूर साबित करे। इसिलए वह खुद को अरेस्ट करना चाहता था।