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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    अयोध्या फैसले पर जस्टिस नरीमन ने खड़े किए थे सवाल, अब पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने दिया ये जवाब

    Updated: Fri, 13 Dec 2024 10:22 AM (IST)

    DY Chandrachud on Ayodhya verdict अयोध्या केस के फैसले पर जस्टिस रोहिंगटन नरीमन द्वारा उठाए गए सवालों का पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने जवाब दिया है। ...और पढ़ें

    DY Chandrachud on Ayodhya verdict पूर्व सीजेआई ने अयोध्या फैसले पर अपनी बात रखी। (फाइल फोटो)
    DY Chandrachud on Ayodhya verdict पूर्व सीजेआई ने अयोध्या फैसले पर अपनी बात रखी। (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. जस्टिस नरीमन ने अयोध्या के फैसले को बताया था न्याय का मजाक।
    2. डीवाई चंद्रचूड़ बोले- आलोचकों ने 1000 पन्नों के फैसले को पूरा नहीं पढ़ा।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। DY Chandrachud on Ayodhya verdict पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने अयोध्या फैसले पर उठ रहे सवालों का खुलकर जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले के कई आलोचक है, लेकिन उन्होंने 1000 पन्नों के फैसले को पूरा नहीं पढ़ा है। उन्होंने कहा कि ये फैसला केवल तथ्यों पर आधारित था।

    जस्टिस नरीमन के बयान का दिया जवाब

    पूर्व सीजेआई ने जस्टिस रोहिंगटन नरीमन (Justice Nariman on Ayodhya verdict) के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने अयोध्या के फैसले को न्याय का मजाक बताया था। पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि फैसला सबूतों के विस्तृत विश्लेषण पर आधारित था और अब इस पर कुछ और दावा करना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं होगा। 

    डीवाई चंद्रचूड़ टाइम्स नेटवर्क के कॉन्क्लेव में बोल रहे थे, जहां उन्होंने ये बातें रखीं।  

    जस्टिस नरीमन की टिप्पणियों पर क्या कहा?

    डीवाई चंद्रचूड़ ने आगे जस्टिस रोहिंगटन नरीमन की उन टिप्पणियों का जवाब भी दिया जिसमें कहा गया था कि फैसले में धर्मनिरपेक्षता को जगह नहीं दी गई है। चंद्रचूड़ ने कहा कि मैं इस फैसले का एक पक्ष था और अब इसकी आचोलना करना या पक्ष लेना मेरा काम नहीं है। अब ये फैसला सार्वजनिक संपत्ति है और इस पर दूसरे ही बात करेंगे।

    न्यायमूर्ति नरीमन के बयान का जवाब देते हुए डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि वो एक स्वतंत्र देश के नागरिग हैं और उनकी आलोचना इस बात का समर्थन करती है कि धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत भारत में जीवित हैं, क्योंकि धर्मनिरपेक्षता के महत्वपूर्ण सिद्धांतों में से एक अंतरात्मा की स्वतंत्रता है।

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    हम फैसले के हर शब्द पर अडिग

    सीजेआई ने आगे कहा कि हमारे देश में कई ऐसे लोग है जो अपने अंदर के विचारों को सबके सामने रखते हैं। ये याद दिलाता है कि देश में धर्मनिरपेक्षता जीवित है। मैं अब अपने फैसले का बचाव नहीं करना चाहता, क्योंकि मैं ऐसा नहीं कर सकता। हमने पांच जजों ने इस केस पर फैसला दिया है और तर्क भी दिया है। इस कारण हर न्यायाधीश फैसला का हिस्सा है और हम अपने फैसले के हर शब्द पर अडिग हैं। 

    न्यायाधीशों की व्यापक भूमिका पर भी अपनी बात रखी

    पूर्व CJI ने भारतीय न्यायिक प्रणाली में न्यायाधीशों की व्यापक भूमिका पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि संविधान न केवल एक राजनीतिक दस्तावेज बल्कि सामाजिक परिवर्तन के लिए एक दृष्टिकोण वाला दस्तावेज भी है।