यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 31, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ना थोड़ा मुश्किल', CWRC के आदेश के बाद डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने दी प्रतिक्रिया
कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) ने सोमवार को कर्नाटक को 1 नवंबर से 15 दिनों के लिए तमिलनाडु को प्रति दिन 2600 क्यूसेक पानी छोड़ने की सिफारिश की थी। इस ...और पढ़ें

HighLights
- तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ने के आदेश के बाद डीके शिवकुमार ने दी प्रतिक्रिया
- 15 दिनों तक 2,600 क्यूसेक पानी छोड़ने की सिफारिश थी
पीटीआई, बेंगलुरु। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने CWRC के निर्देशानुसार पड़ोसी राज्य तमिलनाडु को पानी छोड़ने में राज्य की असमर्थता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उसके कावेरी बेसिन में पर्याप्त पानी नहीं है।
कृष्णराज सागर बांध का प्रवाह कम
मालूम हो कि उनका बयान कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) ने सोमवार को कर्नाटक को 1 नवंबर से 15 दिनों के लिए तमिलनाडु को प्रति दिन 2,600 क्यूसेक पानी छोड़ने की सिफारिश की थी, जिसके बाद डी के शिवकुमार का बयान सामने आया है। जल संसाधन पोर्टफोलियो रखने वाले शिवकुमार ने कहा कि कृष्णराज सागर बांध में पानी का प्रवाह पड़ोसी राज्य को पानी छोड़ने के लिए अपर्याप्त है।
कावेरी बेसिन में पानी ज्यादा नहीं
उपमुख्यमंत्री ने मीडिया से कहा, "केआरएस बांध में प्रवाह शून्य है। हमारे पास पानी छोड़ने की क्षमता नहीं है।" उन्होंने कहा कि केआरएस और काबिनी बांधों से 815 क्यूसेक पानी स्वाभाविक रूप से तमिलनाडु की ओर बहता है। कावेरी बेसिन में केवल 51 टीएमसी पानी बचा है। वर्तमान में, पीने के पानी की आवश्यकता को पूरा करने के लिए संग्रहित पानी की आवश्यकता है।" बता दें कि तमिलनाडु ने हर रोज 13,000 क्यूसेक पानी की मांग की थी।