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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 30, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    गुलाम कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राईक से सदमे में कश्मीरी अलगाववादी

    By Gunateet OjhaEdited By:
    Updated: Fri, 30 Sep 2016 06:37 PM (IST)

    पाकिस्तान को अपना मोहसिन करार देने व कश्मीर बनेगा पाकिस्तान का नारा लगाने वालों को सांप सूंघा हुआ है और वह पाकिस्तान के प्रवक्ता की तरह सफाई दे रहे है ...और पढ़ें

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    राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। भारतीय सैनिकों द्वारा गुलाम कश्मीर में दाखिल होकर आतंकियों को मार गिराए जाने के बाद से अलगाववादी खेमा ही नहीं उसके समर्थक भी सदमें में हैं। उनके गले से यह सच्चाई नहीं उतर रही है और वह इसे कश्मीर मुद्दे से दुनिया का ध्यान हटा, कश्मीर में जारी आजादी की तहरीक को मिटाने की भारतीय साजिश का एक हिस्सा करार दे रही है।

    कश्मीर के गली-बाजारों में गत वीरवार से ही आतंकी ठिकानों पर भारतीय सैनिकों की कार्रवाई की चर्चा हो रही है। पाकिस्तान को अपना मोहसिन करार देने व कश्मीर बनेगा पाकिस्तान का नारा लगाने वालों को सांप सूंघा हुआ है और वह पाकिस्तान के प्रवक्ता की तरह सफाई दे रहे हैं।

    महिला अलगाववादी संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत की प्रमुख आसिया अंद्राबी ने ने कहा कि मेरी मुजफफराबाद व उसके साथ सटे अन्य इलाकों में रहने वाले कई लोगों से बात हुई है। सभी ने हिंदोस्तानी फौज की कार्रवाई को नकारा है। वहां के लोगों ने कहा कि सिर्फ एलओसी पर पहले की तरह गोलाबारी हुई है। हिंदोस्तान की सरकार कश्मीर में जारी तहरीक से डरी हुई है, वह कश्मीरियों का मनोबल तोडऩे और दुनिया का ध्यान कश्मीर मसले से हटाने के लिए ही सर्जिकल स्ट्राईक का ड्रामा कर रही है।

    आसिया ने कहा कि हिंदोस्तान का मकसद है कि वह इस तरह के झूठे दावे कर कश्मीरियों को आजादी की मौजूदा तहरीक से गुमराह कर सके। लेकिन ऐसा नहीं होगा। कश्मीरी उसकी हर चाल समझते हैं। कश्मीर समस्या के समाधान के लिए हमेशा अलगाववादियों की तर्ज पर जनमत संग्रह और कश्मीर की आजादी की वकालत करने वाले निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद ने कहा कि हिंदोस्तान की सरकार युद्घोन्माद पैदा कर रही है।

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    हिंदोस्तान-पाकिस्तान की जंग होने पर भी कश्मीर मसले पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कश्मीर में हिंदोस्तान अगर है तो सिर्फ अपनी फौज के दम पर। सर्जिकल स्ट्राईक का दावा सिर्फ कश्मीर मसले से दुनिया का ध्यान हटाने व कश्मीरियों को उनके हक ए आजादी के रास्ते से भटकाने की नई दिल्ली की साजिश है। इसलिए सभी कश्मीरी नेताओं व सियासी दलों से मेरी अपील है कि सभी एकजुट होकर, कश्मीर को अपने सियासी फायदों के लिए प्रयोगशाला बना रहे हिंदोस्तान के मंसूबों को नाकाम बनाएं।

    हुर्रियत कांफ्रेंस के वरिष्ठ नेता सलीम गिलानी ने कहा कि सभी को मालूम है कि कश्मीरियों के दिलों में पाकिस्तान के प्रति कितना आदर है। पूरी दुनिया में पाकिस्तान ही एकमात्र हमारा सबसे बड़ा हिमायती है। कश्मीरियों की आजादी की तहरीक से पूरा हिंदोस्तान हताश है और वह किसी तरह से कश्मीरियों का मनोबल गिराने और यह बताने के लिए पाकिस्तान बहुत कमजोर है, सर्जिकल हमले की झूठी कहानी सुना रहा है।
    खुद को मानवाधिकारवादी बताने वाले एजाज अहमद कुरैशी ने कहा कि हिंदोस्तान किसी भी तरह से अमरीका नहीं है। यह सिर्फ एक प्रोपेगंडा है और इसका मकसद आम कश्मीरी अच्छी तरह समझता है। यह कश्मीर में गत जुलाई से जोर पकड़ चुकी आजादी की तहरीक से कश्मीरियों के साथ साथ दुनिया का ध्यान हटाने की नई दिल्ली की साजिश है।

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