बंगाल-असम के बाद केरल में भी BJP के लिए खुशखबरी, कांग्रेस की आंधी में दो सीटों पर खिलेगा 'कमल'!
केरल विधानसभा चुनाव की मतगणना जारी है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी शून्य सीट के गतिरोध को तोड़कर विधानसभा में प्रवेश करने की ओर अग्रसर है। ...और पढ़ें

कांग्रेस की आंधी में दो सीटों पर खिलेगा कमल(फोटो: सोशल मीडिया)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। विधानसभा चुनावों की मतगणना जारी है। पश्चिम बंगाल में मजबूत प्रदर्शन और असम में सत्ता बरकरार रखने के स्पष्ट रुझानों के बीच, भारतीय जनता पार्टी के लिए दक्षिण भारत के अहम राज्य केरल से भी बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आ रही है।
शुरुआती रुझानों के अनुसार, केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ भले ही राज्य में भारी बढ़त के साथ सत्ता की ओर बढ़ रहा है, लेकिन बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए राज्य में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
रुझान इस बात का स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि बीजेपी 2021 के विधानसभा चुनाव के शून्य सीट के गतिरोध तोड़कर इस बार केरल विधानसभा में एंट्री कर सकती है।
केरल में BJP के प्रमुख रुझान
चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों और गिनती के शुरुआती दौर के अनुसार, बीजेपी राज्य की कई प्रमुख और हाई-प्रोफाइल सीटों पर आगे चल रही है।
नेमोम: पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के दिग्गज नेता राजीव चंद्रशेखर यहां से शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। ताजा रुझानों में वह कुल 19,636 वोटों के साथ 4,234 वोटों के एक मजबूत अंतर से आगे चल रहे हैं।
पलक्कड़: बीजेपी की कद्दावर नेता शोभा सुरेंद्रन भी अपनी सीट पर बढ़त बनाए हुए हैं। वह 27,159 वोटों के साथ अपने प्रतिद्वंद्वी से 1,820 वोटों के अंतर से आगे हैं। जो अब पीछे हो गई है।
चटन्नूर: केरल के चटन्नूर से भारतीय जनता पार्टी के बी.बी.गोपाकुमार 26209 वोट के साथ +262 के मार्जिन से आगे चल रहे है। इन 3 प्रमुख सीटों के अलावा, शुरुआती रुझानों में एनडीए कझाकूटम निर्वाचन क्षेत्र से भी आगे दिख रहा है।
केरल में बीजेपी के इस प्रदर्शन के पीछे पार्टी की सोची-समझी रणनीति का असर नजर आ रहा है। पार्टी ने चुनाव के पहले चरण में ही 47 उम्मीदवारों की मजबूत सूची मैदान में उतारी थी। पार्टी का मुख्य लक्ष्य 2024 के लोकसभा चुनावों में केरल में दर्ज की गई अपनी ऐतिहासिक संसदीय उपस्थिति और वोट शेयर को अब विधानसभा सीटों में बदलना था।
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मुख्य मुकाबला UDF बनाम LDF, लेकिन BJP बनी फैक्टर
केरल की समग्र राजनीतिक तस्वीर की बात करें तो, कुल मिलाकर मुकाबला मुख्य रूप से कांग्रेस नीत UDF और सत्ताधारी वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) के बीच ही है। पिनाराई विजयन की LDF सरकार को भारी सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते UDF राज्य में मजबूत बढ़त हासिल कर चुकी है।
अंतिम परिणाम ही यह तय करेंगे कि क्या पार्टी 2016 के अपने पिछले एक सीट के रिकॉर्ड को पार कर पाएगी या नहीं। लेकिन फिलहाल, नेमोम और पलक्कड़ की बढ़त ने बंगाल और असम के साथ-साथ केरल में भी बीजेपी खेमे को मुस्कुराने का एक बड़ा मौका दे दिया है।