यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
लक्षद्वीप के सांसद फैजल को केरल हाई कोर्ट से झटका, हत्या के प्रयास मामले में खारिज हुई याचिका
केरल HC ने हत्या के प्रयास मामले में लक्षद्वीप के सांसद मोहम्मद फैजल की याचिका खारिज कर दी है। हाई कोर्ट ने इस साल जनवरी में फैजल की दोषसिद्धि को निलं ...और पढ़ें

पीटीआई, कोच्चि। लक्षद्वीप (Union Territory) के एनसीपी सांसद मोहम्मद फैजल को केरल हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। केरल High Court ने हत्या के प्रयास के मामले में फैजल की सजा को निलंबित करने की याचिका खारिज कर दी है। केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ वकील ने इस मामले से जुड़े कोर्ट के आदेश की पुष्टि की।
बता दे कि हाई कोर्ट ने इस साल जनवरी में फैजल की दोषसिद्धि को निलंबित कर दिया था। दरअसल, लक्षद्वीप प्रशासन ने मोहम्मद फैजल (Mohammad Faisal) की सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। शीर्ष अदालत ने 22 अगस्त को उच्च न्यायालय के फैसले को 'गलत' बताकर Nationalist Congress Party विधायक की दोषसिद्धि को निलंबित करने वाले फैसले को रद्द कर दिया था।
आवेदन पर नए सिरे से निर्णय लेने का दिया था निर्देश
शीर्ष अदालत ने सांसद के रूप में फैजल की स्थिति को तीन सप्ताह के लिए अस्थायी रूप से सुरक्षित रखा था। साथ ही कहा था कि निलंबन पर रोक लगाने वाले उच्च न्यायालय के आदेश का लाभ इस अवधि के दौरान लागू रहेगा। इस अवधि के भीतर अपनी दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग करने वाले विधायक के आवेदन पर नए सिरे से निर्णय लेने को कहा गया था।
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2009 का है मामला
उल्लेखनीय है कि 2009 में सांसद मोहम्मद फैजल और अन्य लोगों ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पीएम सईद के दामाद पदनाथ सालेह पर हमला किया था। दरअसल, सालेह 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान एक राजनीतिक मुद्दे पर हस्तक्षेप करने के लिए उनके पड़ोस में पहुंचे थे।
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता मोहम्मद फैजल को 2014 में पहली बार 16वीं लोकसभा के लिए केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप से लोकसभा सांसद चुना गया था। 2014-2016 की अवधि के दौरान वह परिवहन, पर्यटन और संस्कृति पर स्थायी समिति और गृह मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य भी थे।