अभी भारत की जेल में ही रहेगा लॉरेंस बिश्नोई, निज्जर हत्याकांड में FBI की चार्जशीट के बावजूद क्यों नहीं होगा प्रत्यर्पण?
खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के आरोप में एफबीआई द्वारा चार्जशीट किए जाने के बावजूद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई भारतीय जेल में ही रहेगा। ...और पढ़ें

गैगस्टर लॉरेंस बिश्नोई (फाइल फोटो)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नीलू रंजन, नई दिल्ली। खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के आरोप में एफबीआई द्वारा चार्जशीट किये जाने के बावजूद गैगस्टर लॉरेंस बिश्नोई फिलहाल भारतीय जेल में रहेगा।
अपराधियों के लिए अमेरिका से हुए प्रत्यर्पण की शर्तों के अनुरूप भारत में ट्रायल और सजा पूरी होने के बाद ही उसे निज्जर हत्याकांड में ट्रायल के लिए अमेरिका भेजा जाएगा। मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को भी अमेरिका ने अपने यहां सजा पूरी होने के बाद ही भारत को सौंपा था।
लॉरेंस बिश्नोई भारतीय जेल में ही रहेगा
उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार अभी तक अमेरिका की ओर से कूटनीति स्तर पर लॉरेंस बिश्नोई के प्रत्यर्पण का कोई अनुरोध नहीं आया है। लेकिन अमेरिकी अदालत में चार्जशीट को देखते हुए निकट भविष्य में अनुरोध आना सुनिश्चित माना जा रहा है।
लेकिन 1997 की अमेरिका के साथ हुई प्रत्यर्पण संधि के अनुसार ट्रायल और सजा पूरी होने के बाद ही उसे सौंपा जा सकता है और इसमें कोई बदलाव संभव नहीं है।
बिश्नोई पर हत्या और जबरन बसूली के 80 से अधिक मामले विभिन्न अदालतों में चल रहे हैं। जवाहर नेहरू विश्वविद्यालय के स्कूल आफ इंटरनेशनल स्टडीज की प्रोफेसर अंशु जोशी के अनुसार प्रत्यर्पण में देरी होने के बावजूद अमेरिका के साथ कूटनीतिक संबंधों को देखते हुए भारत निज्जर हत्याकांड की जांच में पूरा सहयोग कर सकता है।
सजा पूरी होने पर ही अमेरिका प्रत्यर्पित होगा
इसके तहत अमेरिकी जांच कर्ताओं को लॉरेंस बिश्नोई से जेल के भीतर पूछताछ की इजाजत भी दी सकती है। मुंबई आतंकी हमले के आरोपित हेविड कोलमैन हेडली और तहव्वुर राणा से जेल में पूछताछ की इजाजत अमेरिका ने दी थी। भारत से एनआइए की टीम ने अमेरिका जाकर दोनों का बयान भी दर्ज किया था।
खबरें और भी
वहीं सुरक्षा एजेंसी से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारियों ने साबरमती जेल में बंद होने के बाद लॉरेंस बिश्नोई द्वारा अंतरराष्ट्रीय अपराधी गिरोह का संचालन करने, जबरन वसूली का रैकेट चलाने और हत्या कराने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि तिहाड़ या पंजाब के किसी जेल में रहते हुए लॉरेंस बिश्नोई के इन गतिविधियों में शामिल रहने की बात सही है। लेकिन साबरमती जेल में उसे पूरी तरह से अलग-थलग रखा गया है और उसपर 24 घंटे की निगरानी रहती है।
कैसे हुई थी निज्जर की हत्या?
निज्जर की हत्या 18 जून 2023 को कनाडा में हुई थी और लॉरेंस बिश्नोई 18 अगस्त 2023 से साबरमती जेल में है। जाहिर है निज्जर की हत्या की साजिश साबरमती जेल में जाने से पहले रची गई होगी। एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत खुद गैंगस्टर, अपराधी और तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने की कोशिश में जुटा है।
खासतौर पर कई देशों में फैला इनका नेटवर्क भारत की सुरक्षा के लिए खुद भी खतरा है। ऐसे में भारतीय एजेंसियां इन गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई में एफबीआई समेत दुनिया के अन्य एजेंसियों के साथ सहयोग कर रही है। खुद एफबीआई ने भी अपनी चार्जशीट में भारतीय एजेंसियों का पूरा सहयोग मिलने का दावा किया है।