Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    'यह वर्दी का अहंकार...', TMC सांसदों को हिरासत में लिए जाने पर भड़कीं ममता; शाह के दफ्तर के बाहर कर रहे थे प्रदर्शन

    Updated: Fri, 09 Jan 2026 04:49 PM (IST)

    ममता बनर्जी ने दिल्ली में गृह मंत्रालय के बाहर ईडी छापेमारी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे टीएमसी सांसदों की हिरासत की निंदा की। उन्होंने इसे शर्मनाक, अलोकत ...और पढ़ें

    ममता बनर्जी ने टीएमसी सांसदों की हिरासत की निंदा की

    ममता बनर्जी ने टीएमसी सांसदों की हिरासत की निंदा की

    HighLights

    1. ममता बनर्जी ने टीएमसी सांसदों की हिरासत की निंदा की।

    2. इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला और शर्मनाक बताया।

    3. कहा, भारत लोकतंत्र है, भाजपा की निजी संपत्ति नहीं।

    राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने ईडी की छापेमारी के खिलाफ शुक्रवार को दिल्ली में गृह मंत्रालय के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्टी सांसदों के साथ हुए बर्ताव की निंदा की और इसे शर्मनाक, अस्वीकार्य और लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला करार दिया।

    ममता बनर्जी ने टीएमसी सांसदों की हिरासत की निंदा की

    शुक्रवार सुबह तृणमूल कांग्रेस के कई सांसदों को उस वक्त हिरासत में ले लिया गया, जब वे केंद्र द्वारा जांच एजेंसियों के कथित गलत इस्तेमाल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।TMC (2)

    ममता ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, चुने हुए प्रतिनिधियों को, उनके लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करने पर सड़कों पर घसीटना… कानून लागू करना नहीं है- यह वर्दी में अहंकार है।

    उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतंत्र है, भाजपा की निजी संपत्ति नहीं है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र ‘सत्ता में बैठे लोगों की सुविधा या आराम’ पर नहीं चलता। उन्होंने भाजपा पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया।

    ANI_20260109013_49751841

    इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला और शर्मनाक बताया

    उन्होंने दावा किया कि जहां इसके नेता विरोध प्रदर्शनों के दौरान रेड कार्पेट और खास सुविधाओं की उम्मीद करते हैं, वहीं विपक्षी सांसदों को आवाज़ उठाने पर घसीटा जाता है, हिरासत में लिया जाता है और अपमानित किया जाता है।

    खबरें और भी

    ममता ने कहा कि संस्थाओं और राजनीतिक लोगों के बीच परस्पर सम्मान होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप हमारा सम्मान करते हैं, हम आपका सम्मान करते हैं।

    उन्होंने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधियों को अपमानित करने की कोशिशों का जवाब ‘सहिष्णुता, असहमति और लोकतांत्रिक नैतिकता’ से दिया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी सरकार, कोई भी पार्टी और कोई भी गृह मंत्री यह तय नहीं कर सकता कि लोकतंत्र में कौन सम्मान का हकदार है

    G-MfVHla0AMhxJl