संसद में आर-पार की तैयारी: FCRA पर अमित शाह संभालेंगे मोर्चा, कांग्रेस क्यों परेशान?
सरकार और विपक्ष मानसून सत्र के अंतिम सप्ताह में आर-पार की लड़ाई की तैयारी में हैं, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एफसीआरए संशोधन विधेयक पर चर्चा ...और पढ़ें

संसद का मानसून सत्र।
HighLights
सरकार और विपक्ष मानसून सत्र के अंतिम सप्ताह में तैयार।
अमित शाह एफसीआरए संशोधन विधेयक पर चर्चा का नेतृत्व करेंगे।
कांग्रेस को महिला आरक्षण विधेयक लाए जाने की आशंका।
नीलू रंजन, जागरण, नई दिल्ली। मानसून सत्र के अंतिम सप्ताह में आर-पार की लड़ाई की तैयारी में सरकार और विपक्ष दोनों जुट गए हैं। केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह की लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला व विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ बैठक और कांग्रेस की ओर से अपने सांसदों की संसद में उपस्थिति रहने के लिए जारी व्हिप को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।
वहीं शुक्रवार को ही अमित शाह से मुलाकात के बाद मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने कह दिया था कि विदेशी अनुदान विनियमन कानून (एफसीआरए) से संबंधित संशोधन विधेयक 12 अगस्त यानी बुधवार को आएगा।
अमित शाह चर्चा को खुद करेंगे लीड
माना जा रहा है कि अमित शाह खुद एफसीआरए पर चर्चा को लीड करेंगे और विपक्ष के आरोपों का जवाब भी देंगे। विपक्ष के दवाब में नहीं, बल्कि मंत्रालय का काम होने की स्थिति में अमित शाह की सदन में आने के संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजीजू के बचान से इसकी पुष्टि होती है।
कांग्रेस ने भी तेज की तैयारी
सरकार की तैयारियों को देखते हुए कांग्रेस ने सोमवार, मंगलवार और बुधवार तीन दिन के लिए सभी सांसदों के उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी कर दिया। इसके साथ ही कांग्रेस ने आइएनडीआइए के सभी सहयोगी दलों के साथ संपर्क कर अपने-अपने सांसदों को संसद में उपस्थित रहने का निर्देश देने को कहा है। भाजपा की ओर से अभी तक कोई व्हिप जारी नहीं किया गया है, लेकिन सभी सांसदों को दिल्ली में रहने का निर्देश दिया जा चुका है।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस ने व्हिप जारी करने का असली वजह एफसीआरए नहीं, बल्कि महिला आरक्षण व परिसीमन से जुड़े विधेयक की आशंका है।एफसीआरए संशोधन विधेयक सामान्य बहुमत से पास हो सकता है, जो राजग के पास है, उसे शोर शराबे के बीच भी अन्य विधेयकों की तरह पास कराया जा सकता है।
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लेकिन संविधान संशोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होगी, जिसमें एक-एक सांसद की गिनती अहम होगी। कांग्रेस को आशंका है कि एफसीआरए की जगह सरकार कहीं महिला आरक्षण और परिसीमन का विधेयक लाने का दांव चल सकती है।
किरेन रिजिजू ने पहले ही दे दिया संकेत
किरेन रिजिजू ने गुरूवार को ही संकेत दे दिया था कि राहुल गांधी से बातचीत विफल रहने और गतिरोध कायम रहने की स्थिति में भी सरकार तीनों विधेयकों को लेकर आगे बढ़ेगी। इसके साथ ही अमित शाह ने ईसाई संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात कर विधेयक को लेकर उनकी आशंकाओं को भी दूर करने का प्रयास किया।
प्रमुख विपक्षी दल और समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर सरकार ने साफ कर दिया कि सभी पक्षों के साथ विचार-विमर्श कर सरकार लोकतांत्रिक तरीके से विधेयक को पास कराने का फैसला किया है।
जयशंकर और अमित शाह की मुलाकात के मायने
वहीं एस जयशंकर के साथ अमित शाह की मुलाकात को विदेश और खासकर अमेरिका में एफसीआरए में संशोधनों को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम से जोड़ कर देखा जा रहा है। एक अमेरिका सांसद ने इसे ईसाइयों के खिलाफ बताते हुए भारत-अमेरिका संबंध खराब होने तक की धमकी दे दी थी। अब भारतीय मिशन विभिन्न देशों में भ्रम फैलाने की कोशिशों का तथ्यों के साथ जवाब देगी।