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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 12, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    रेलवे के 11 लाख से ज्‍यादा कर्मचारियों को मिलेगा 78 दिन का बोनस, कैबिनेट ने लगाई मुहर

    By AgencyEdited By: Shashank Mishra
    Updated: Wed, 12 Oct 2022 04:41 PM (IST)

    कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए रेलवे कर्मचारियों को 78 दिनों के बराबर उत्पादकता से जुड़े बोनस के भुगतान को भी मंजूरी दी। केंद्रीय मंत्रिमंडल न ...और पढ़ें

    मंत्रिमंडल ने बहु-राज्य सहकारी समितियां (संशोधन) विधेयक, 2022 को मंजूरी दी।
    मंत्रिमंडल ने बहु-राज्य सहकारी समितियां (संशोधन) विधेयक, 2022 को मंजूरी दी।

    नई दिल्ली, एएनआइ। कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए रेलवे कर्मचारियों को 78 दिनों के बराबर उत्पादकता से जुड़े बोनस के भुगतान को भी मंजूरी दी। रेलवे के 11.27 लाख कर्मचारियों को 1,832 करोड़ रुपये का प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस दिया जाएगा। यह 78 दिनों का बोनस होगा और इसकी अधिकतम सीमा 17,951 रुपये होगी। कैबिनेट की बैठक में बुधवार को बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए आरपीएफ/आरपीएसएफ कर्मियों को छोड़कर अराजपत्रित रेल कर्मचारियों को 78 दिनों के वेतन के बराबर उत्पादकता-लिंक्ड बोनस (पीएलबी) का भुगतान किया जाएगा।

    लॉकडाउन के दौरान बेहतर कार्य करने के लिए भुगतान

     

    पीएलबी के भुगतान के लिए निर्धारित वेतन गणना की सीमा 7,000 रुपये प्रति माह है। रेल मंत्रालय ने पहले कहा था कि रेल कर्मचारियों ने यात्री और माल सेवाओं के प्रदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दरअसल, रेल कर्मचारियों ने लॉकडाउन अवधि के दौरान भी आवश्यक वस्तुओं जैसे भोजन, खाद, कोयला और अन्य वस्तुओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की। रेलवे ने सुनिश्चित किया है कि परिचालन के क्षेत्र में ऐसी वस्तुओं की कोई कमी न हो।

    बहु-राज्य सहकारी समितियां (संशोधन) विधेयक, 2022 को मंजूरी

    केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बहु-राज्य सहकारी समितियां (संशोधन) विधेयक, 2022 को मंजूरी दे दी है, जो बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम, 2002 में संशोधन करना चाहता है। इसमें 97वें संवैधानिक संशोधन के प्रावधान शामिल होंगे। कैबिनेट ने 2022-23 से 2025-26 तक 15वें वित्त आयोग के शेष चार वर्षों के लिए पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री विकास पहल (पीएम-डिवाइन) नई योजना को भी मंजूरी दी है।

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    केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) रसोई गैस के लिए सरकारी तेल विपणन कंपनियों को एकमुश्त मुआवजे को भी मंजूरी दी है। वित्त मंत्रालय 22,000 करोड़ रुपये नकद भुगतान पर सहमत हो गया है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन इस अनुदान के लाभार्थी होंगे।

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    केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, "दुनिया भर में रसोई गैस की कीमतें बढ़ रही हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की तेल विपणन कंपनियों को 22,000 करोड़ रुपये का एकमुश्त अनुदान दिया गया है ताकि बढ़ती कीमतों का बोझ आम लोगों पर न पड़े।"

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