गीजा के पिरामिड का रहस्य: रोबोट ने खोला 4500 साल पुराना अनछुआ सीलबंद दरवाजा
गीजा के ग्रेट पिरामिड में एक रोबोट ने 4,500 साल पुराने एक सीलबंद दरवाजे तक पहुंचने में सफलता हासिल की है।
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रोबोट ने खोला गीजा पिरामिड का 4500 साल पुराना राज (AI जेनरेटेड फोटो)
HighLights
रोबोट ने गीजा पिरामिड में नया रास्ता खोजा।
4,500 साल पुराने सीलबंद दरवाजे तक पहुंचा।
अत्याधुनिक तकनीक से छिपे रहस्यों का खुलासा।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गीजा के पिरामिड में कई अनसुलझे रहस्य छिपे हैं। इसका पता लगाने के लिए पुरातत्वविद अथक प्रयास जारी रखे हुए हैं। अत्याधुनिक तकनीक की मदद से अब उन स्थानों पर पहुंचने में भी सफलता मिल रही है, जहां पहले नामुमकिन सा लगता था।
एक रोबोट ने मिस्र के ग्रेट पिरामिड के अंदर गहराई में मौजूद, पहले से अनजान रास्ते से यात्रा की। उसकी यह यात्रा एक ऐसी चीज के सामने जाकर खत्म हुई, जो लगभग 4,500 सालों से अनछुआ था। यहां तक पहुंचने के लिए रोबोट ने 100 फीट लंबा रास्ता तय किया।
रोबोट ने खोला राज
इजिप्टोलाजिस्ट जही हवास ने कहा कि इस रास्ते का पता सबसे पहले एडवांस्ड टेक्नोलॉजी की मदद से चला था। यह रिपोर्ट ह्यूमन साइंस में छपी है।
रोबोट के वहां पहुंचने के बाद अब पुरातत्वविदों के मन में इसे जानने की उत्सुकता बढ़ गई है कि आखिर इसके पीछे क्या है। क्या कोई खजाना या कुछ और।
गीजा के ग्रेट पिरामिड के बारे में हमेशा से ही छिपे हुए रास्तों और अनजाने रहस्यों की चर्चा होती रही है। इतिहास में सबसे अधिक शोध किए गए स्मारकों में से एक होने के नाते, ग्रेट पिरामिड का अध्ययन पीढ़ियों से किया जाता रहा है।
जांच के नए तरीकों की मदद से इनमें से कई थ्योरी और कहानियां सामने आती रहती हैं। पिरामिड के मूल ढांचे को अलग-अलग करने के बजाय, ये टीमें हाई-टेक इमेजिंग उपकरणों का इस्तेमाल करती हैं। ये उपकरण लंबे समय से बंद पड़े छिपे हुए कमरों और रास्तों का पता लगाने में मदद करते हैं।

