यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
S Jaishankar: वाशिंगटन पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर, अमेरिकी समकक्ष एंटनी ब्लिंकन से करेंगे मुलाकात
भारत के विदेश मंत्री जयशंकर इन दिनों अमेरिका के दौरे पर हैं इस कड़ी में वह वाशिंगटन डीसी पहुंच चुके हैं। यहां एस जयशंकर अमेरिकी वार्ताकारों के साथ द्व ...और पढ़ें

नई दिल्ली, एएनआई: भारत के विदेश मंत्री जयशंकर इन दिनों अमेरिका के दौरे पर हैं, इस कड़ी में वह वाशिंगटन डीसी पहुंच चुके हैं। यहां एस जयशंकर अमेरिकी वार्ताकारों के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। साथ ही, वह अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से मुलाकात करेंगे।
#WATCH | EAM Dr S Jaishankar arrives in Washington, DC. pic.twitter.com/YqWvo88MVo
— ANI (@ANI) September 27, 2023
विदेश मंत्री जयशंकर अपने कार्यक्रम के तहत अमेरिकी समकक्ष एंटनी ब्लिंकन के अलावा अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ सदस्यों, अमेरिकी व्यापारिक नेताओं और थिंक टैंक के साथ चर्चा करेंगे। वह आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा आयोजित चौथे विश्व संस्कृति महोत्सव को भी संबोधित करेंगे।
भारत-कनाडा के बीच देखी जा रही तल्खी
एस जयशंकर की अमेरिकी यात्रा भारत और कनाडा के बीच राजनयिक विवाद और निज्जर की हत्या से जुड़े वाद-विवाद के बीच हो रही है। इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कनाडा में अलगाववादी समूहों, हिंसा और उग्रवाद से जुड़े संगठित अपराध पर चिंता जताई थी। उन्होंने यह भी कहा था कि कनाडा में राजनीतिक कारणों से इन मुद्दों को बने रहने दिया गया है।
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न्यूयॉर्क में काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस में चर्चा के दौरान जयशंकर ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में, कनाडा में हिंसा और उग्रवाद की घटनाओं के साथ-साथ अलगाववादी आंदोलनों से जुड़े संगठित अपराध में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। ये मुद्दे आपस में जटिल रूप से जुड़े हुए हैं। हम इन चिंताओं से संबंधित विशिष्ट घटनाओं और सूचनाओं पर चर्चा में लगे हुए हैं।
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पीएम ट्रूडो ने किया था दावा
विशेष रूप से, कनाडा ने अभी तक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के दावे का समर्थन करने के लिए कोई सार्वजनिक सबूत उपलब्ध नहीं कराया है। पिछले हफ्ते की शुरुआत में, कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने एक बयान दिया था जिसमें भारत सरकार पर खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। हालांकि उनके इस दावे को भारत ने सिरे से खारिज कर दिया था और इसे बेतुका बताया था।