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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 13, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Justice DY Chandrachud: जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने इन बड़े फैसलों को सुनाने में निभाई भूमिका

    By Manish NegiEdited By:
    Updated: Thu, 13 Oct 2022 04:29 PM (IST)

    New CJI Justice DY Chandrachud जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ देश के अगले मुख्य न्यायाधीश बनने जा रहे हैं। चीफ जस्टिस यूयू ललित ने जस्टिस चंद्रचूड़ का नाम प्र ...और पढ़ें

    Justice DY Chandrachud: देश के अगले चीफ जस्टिस होंगे डीवाई चंद्रचूड़
    Justice DY Chandrachud: देश के अगले चीफ जस्टिस होंगे डीवाई चंद्रचूड़

    नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। सुप्रीम कोर्ट के जज धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ (DY Chandrachud) देश के अगले मुख्य न्यायाधीश होंगे। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ 50वें मुख्य न्यायाधीश का कार्यभार ग्रहण करेंगे। मौजूदा मुख्य न्यायाधीश यूयू ललित ने चीफ जस्टिस के रूप में डीवाई चंद्रचूड़ का नाम प्रस्तावित किया था। चंद्रचूड़ ने अविवाहित महिलाओं को गर्भपात, अयोध्या मंदिर के अलावा राइट टू प्राइवेसी जैसे अहम मुद्दों पर फैसला सुनाने में अपनी भूमिका निभाई थी। ऐसे में मुख्य न्यायाधीश बनने के बाद उनकी नजर कई बड़ै फैसलों पर होगी।

    डीवाई चंद्रचूड़ के बड़े फैसले

    डीवाई चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट का जज रहते कई बड़े फैसले सुनाने में भूमिका निभाई।

    • अयोध्या मंदिर

    जस्टिस चंद्रचूड़ अयोध्या मंदिर विवाद का फैसला करने वाली 5 जजों की बेंच का हिस्सा थे। तत्कालीन चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच में जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल नजीर शामिल थे।

    • सभी महिलाओं को गर्भपात का अधिकार

    देश में अविवाहित महिलाओं को गर्भपात का अधिकार देने के फैसले में भी उनकी भूमिका थी। फैसला सुनाने वाली बेंच की अध्यक्षता जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने की थी। फैसले में कहा गया कि विवाहित और अविवाहित सभी महिलाओं को कानूनी तरीके से 24 सप्ताह तक गर्भपात कराने का अधिकार है।

    • समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से हटाया

    साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसला सुनाते हुए कहा था कि समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि आपसी सहमति से दो वयस्कों के बीच बनाए गए समलैंगिक संबंधों को अब अपराध नहीं माना जाएगा। पांच जजों की जिस बेंच ने ये फैसला सुनाया था, उसमें जस्टिस चंद्रचूड़ भी शामिल थे।

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    दो साल का होगा कार्यकाल

    जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ का कार्यकाल दो साल का होगा। चंद्रचूड़ 10 नवंबर 2024 को रिटायर हो सकते हैं। बता दें कि मौजूदा चीफ जस्टिस यूयू ललित 8 नवंबर को अपने पद से रिटायर होंगे।

    पिता भी रह चुके हैं चीफ जस्टिस

    डीवाई चंद्रचूड़ के पिता यशवंत विष्णु चंद्रचूड़ देश के 16वें चीफ जस्टिस थे। विष्णु चंद्रचूड़ इस पद पर 22 फरवरी 1978 से 11 जुलाई 1985 तक रहे। डीवाई चंद्रचूड़ भी अब मुख्य न्यायाधीश बनने जा रहे हैं।

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