यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
स्कूली स्तर पर ही बच्चों में रोपे जाएंगे शोध-नवाचार के बीज, छात्रों को करीबी विश्वविद्यालयों में कराया जाएगा भ्रमण
शोध और इनोवेशन के प्रति बच्चों में रुझान बढ़ाने की दिशा में स्कूली स्तर पर ही एक और अहम पहल की गई है जिसमें सभी स्कूलों से अपने छात्रों को आसपास के वि ...और पढ़ें

HighLights
- बच्चों के उच्च शिक्षा में पहुंचने के दौरान दिखेगा असर
- इस पहल में आईआईटी, एनआईटी हो सकते हैं शामिल
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। शोध और इनोवेशन के प्रति बच्चों में रुझान बढ़ाने की दिशा में स्कूली स्तर पर ही एक और अहम पहल की गई है, जिसमें सभी स्कूलों से अपने छात्रों को आसपास के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों का भ्रमण कराने के लिए कहा गया है। इस दौरान उन्हें वहां की प्रयोगशालाओं सहित वहां चल रहे शोध और इनोवेशन के कार्यों से भी परिचित कराया जाएगा।
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत देश में शोध और इनोवेशन को बढ़ावा देने की अहम सिफारिश की गई है। इस पूरी पहल को इससे जोड़कर भी देखा जा रहा है। शिक्षा मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक देश में शोध और इनोवेशन के प्रति नया माहौल बनाने के लिए यह कसरत की जा रही है।
बच्चों के उच्च शिक्षा में पहुंचने के दौरान दिखेगा असर
इससे पहले केंद्रीय विद्यालय सहित देश भर के स्कूली शिक्षकों को इनोवेशन से जोड़ने के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया था। इसमें बडी संख्या में शिक्षकों को इसे लेकर प्रशिक्षित किया जा रहा है। मंत्रालय के मुताबिक, इससे बच्चों में शुरु से ही शोध और इनोवेशन के प्रति रुझान दिखेगा, जिसका असर उनके उच्च शिक्षा में पहुंचने के दौरान दिखेगा।
आईआईटी, एनआईटी हो सकते हैं शामिल
मौजूदा समय में शोध और इनोवेशन के क्षेत्र में भारत का प्रदर्शन विकसित देशों के मुकाबले काफी नीचे है। खास बात यह है कि इस पहल में आईआईटी, एनआईटी जैसे संस्थानों को भी शामिल किया जा सकता है।