Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    ठगी का नया तरीका: फर्जी ई-चालान भेज लोगों का बैंक खाता खाली कर रहे ठग, ये SMS देख हो जाएं सावधान

    Updated: Fri, 27 Feb 2026 07:42 PM (IST)

    गृह मंत्रालय के I4C ने फर्जी ई-चालान SMS के जरिए बढ़ती साइबर ठगी पर चेतावनी जारी की है। ठग नकली लिंक भेजकर बैंक खाते खाली कर रहे हैं। ...और पढ़ें

    फर्जी ई-चालान भेज लोगों का बैंक खाता खाली कर रहे ठग ये SMS देख हो जाएं सावधान (AI द्वारा जनरेटेड फोटो)

    फर्जी ई-चालान भेज लोगों का बैंक खाता खाली कर रहे ठग ये SMS देख हो जाएं सावधान (AI द्वारा जनरेटेड फोटो)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देशभर में गाड़ियों के फर्जी ई-चालान SMS के जरिए साइबर ठगी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गृह मंत्रालय के तहत कार्यरत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने नागरिकों को सतर्क करते हुए चेतावनी जारी की है कि एक गलत लिंक पर क्लिक करना भी बैंक खाते से पैसे गायब होने का कारण बन सकता है।

    अधिकारियों के अनुसार ठग लोगों को एसएमएस भेजकर दावा करते हैं कि उनके वाहन का ट्रैफिक ई-चालान जारी हुआ है। संदेश में तुरंत भुगतान करने का दबाव बनाया जाता है और एक लिंक दिया जाता है। लिंक पर क्लिक करते ही व्यक्ति नकली वेबसाइट पर पहुंच जाता है, जिसे परिवहन मंत्रालय के आधिकारिक एम-परिवहन पोर्टल जैसा दिखाया जाता है।

    कैसे करते हैं ठगी?

    साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि यहीं से फिशिंग प्रक्रिया शुरू होती है। नकली वेबसाइट वाहन नंबर, मोबाइल नंबर, ओटीपी, डेबिट-क्रेडिट कार्ड या बैंकिंग जानकारी मांगती है। जैसे ही व्यक्ति जानकारी दर्ज करता है, साइबर अपराधी डेटा हासिल कर खाते से रकम निकाल लेते हैं या आगे की धोखाधड़ी में उसका इस्तेमाल करते हैं।

    आई4सी के मुताबिक डिजिटल ट्रैफिक चालान व्यवस्था के विस्तार के कारण शहरी क्षेत्रों में ऐसे फर्जी संदेश तेजी से फैल रहे हैं। ठग भारी जुर्माना या कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर लोगों को जल्दबाजी में भुगतान करने के लिए मजबूर करते हैं।

    खबरें और भी

    अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि असली ई-चालान केवल अधिकृत सरकारी प्लेटफार्म या संबंधित राज्य यातायात पुलिस की वेबसाइट पर ही जारी किए जाते हैं। किसी भी संदेश पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक परिवहन पोर्टल पर सत्यापन जरूरी है।

    'विंगो एप नेटवर्क पर कार्रवाई

    गृह मंत्रालय ने हाल में साइबर ठगी से जुड़े 'विंगो' एप नेटवर्क के कमांड एवं कंट्रोल सर्वरों को जियो-ब्लॉक कर दिया है। जांच में इसे 'टेलीकाम म्यूल ऐज ए सर्विस' प्लेटफार्म पाया गया, जो एसएमएस आधारित कार्यों के नाम पर लोगों से जुड़कर फर्जी लिंक फैलाने में इस्तेमाल हो रहा था।

    कार्रवाई के तहत लगभग 1.53 लाख सब्सक्राइबर वाले चार टेलीग्राम चैनल और 53 से अधिक यूट्यूब वीडियो भी ब्लाक किए गए हैं। आई4सी ने चेतावनी दी है कि ऐसे कई एप और प्लेटफार्म एंड्रायड यूजर्स को निशाना बनाकर फर्जी लिंक प्रसारित कर रहे हैं, इसलिए अनजान एप डाउनलोड करने से बचना चाहिए।

    आई4सी देश में साइबर अपराध से निपटने की केंद्रीय नोडल एजेंसी है, जो राज्यों, दूरसंचार कंपनियों और डिजिटल प्लेटफार्म के साथ मिलकर फर्जी वेबसाइट, एप और ठगी नेटवर्क को पहचानकर ब्लाक करती है।

    विमानों में अब नहीं ले जा सकते इस प्रकार का सामान, सरकार ने जारी किए नए नियम