यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
GANHRI ने फिर टाला NHRC को मान्यता देने का फैसला, कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने जताया दुख
ग्लोबल अलायंस ऑफ नेशनल ह्यूमन राइट्स इंस्टीट्यूशंस (जीएएनएचआरआई) ने लगातार दूसरे साल भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग या एनएचआरसी को मान्यता देने के ...और पढ़ें

पीटीआई, नई दिल्ली। ग्लोबल अलायंस ऑफ नेशनल ह्यूमन राइट्स इंस्टीट्यूशंस (जीएएनएचआरआई) ने लगातार दूसरे साल भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग या एनएचआरसी को मान्यता देने के फैसले को टाल दिया है। जिनेवा स्थित जीएएनएचआरआई राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थानों की समीक्षा करती है और उन्हें मान्यता देती है।
नहीं लिया गया अभी कोई निर्णय
सूत्रों ने बताया कि जीएएनएचआरआई ने हाल ही में अपनी समीक्षा बैठक के दौरान एनएचआरसी को मान्यता देने के फैसले को टाल दिया। एक सूत्र ने कहा कि स्थगन का मतलब है कि अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इससे पहले पिछले साल एनएचआरसी को मान्यता देने के फैसले को एक साल के लिए टाला दिया था।
कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने जताया दुख
कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने कहा कि यह दुखद और शर्मनाक है कि जीएएनएचआरआई ने एनएचआरसी को मान्यता देने से इन्कार कर दिया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, मान्यता प्राप्त मानवाधिकार निकाय के रूप में एनएचआरसी की मान्यता को 2023 में निलंबित कर दिया गया था। अब 2024 में फिर से एनएचआरसी को मान्यता नहीं मिली।
जीएएनएचआरआई ने निष्कर्ष निकाला है कि भारत का एनएचआरसी अंतरराष्ट्रीय निकाय को संतुष्ट करने में विफल रहा है कि वह स्वतंत्र रूप से काम करने में सक्षम है।