'विजय से कोई ईर्ष्या नहीं', तमिलनाडु चुनाव के बाद स्टालिन से मिलने पर बोले रजनीकांत
सुपरस्टार रजनीकांत ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के प्रति किसी भी ईर्ष्या से इनकार किया और उनकी उपलब्धियों की सराहना की। ...और पढ़ें
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स्टालिन से मिलने पर रजनीकांत ने तोड़ी चुप्पी

समय कम है?
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुपरस्टार रजनीकांत ने राजनीति और सिनेमा के गलियारों में तैर रही अफवाहों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने साफ किया कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के प्रति उनके मन में कोई द्वेष या ईर्ष्या नहीं है।
चेन्नई में अपने पोएस गार्डन आवास पर संवाददाताओं से भावुक होकर बात करते हुए रजनीकांत ने कहा कि द्रमुक प्रमुख एम.के. स्टालिन के साथ उनकी हालिया मुलाकात पूरी तरह से एक दोस्ताना और शिष्टाचार भेंट थी, जिसका कोई राजनीतिक मकसद नहीं था।
'मैं उनसे क्यों ईर्ष्या करूंगा?'
रजनीकांत ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा जा रहा था कि वह विजय की राजनीतिक राह में रोड़े अटकाना चाहते हैं। रजनीकांत ने दिल खोलकर मुख्यमंत्री विजय की तारीफ की।
रजनीकांत ने कहा, 'मैंने विजय को बचपन से देखा है, भला मैं उनसे क्यों ईर्ष्या करूंगा? हमारे बीच 25 साल का पीढ़ीगत फासला है।'
विजय ने महज 52 साल की उम्र में जो मुकाम हासिल किया है, वह सिनेमाई और राजनीतिक महानायक एमजीआर (एम.जी. रामचंद्रन) और एनटीआर (एन.टी. रामा राव) की उपलब्धियों से भी बड़ा है।
रजनीकांत ने विजय की इस ऐतिहासिक सफलता पर उन्हें बधाई भी दी, जिनकी पार्टी टीवीके ने हालिया चुनावों में 108 सीटें जीतकर सरकार बनाई है।
अभिनेता ने दोहराया कि उन्होंने केवल अपने स्वास्थ्य कारणों से राजनीति में कदम नहीं रखा। उन्होंने अपने प्रशंसकों से अपील की कि वे अपनी पसंद की किसी भी राजनीतिक पार्टी का समर्थन करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं।
अंत में, एक बड़े भाई और मार्गदर्शक की तरह रजनीकांत ने तमिलनाडु की जनता से एक भावुक गुजारिश की कि वे नए मुख्यमंत्री विजय को सरकार चलाने और खुद को साबित करने के लिए कम से कम दो साल का समय जरूर दें।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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