यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अब 21 दिन में होगा जन शिकायतों का समाधान, वाट्सएप और चैटबोट माध्यम से भी की जा सकेगी अपील
केंद्र सरकार ने केंद्रीय जन शिकायत पोर्टल पर की गई शिकायतों के समाधान की अवधि 30 दिनों से घटाकर 21 दिन कर दी है। प्रशासनिक सुधार एवं जन-शिकायत विभाग ( ...और पढ़ें

पीटीआई, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने केंद्रीय जन शिकायत पोर्टल पर की गई शिकायतों के समाधान की अवधि 30 दिनों से घटाकर 21 दिन कर दी है। संशोधित गाइडलाइंस के आदेश में सरकार ने शिकायतें निपटाने के लिए अधिकारियों की नियुक्तियों का सुझाव भी दिया है।
प्रशासनिक सुधार एवं जन-शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) की ओर से 23 अगस्त को जारी आदेश के मुताबिक कोई भी मंत्रालय, विभाग या कार्यालय यह कहकर मामला बंद नहीं कर सकेगा कि यह उससे संबंधित नहीं है, बल्कि शिकायत को सही विभाग में ट्रांसफर करने का प्रयास करेगा।
30 दिनों में उसका निपटारा करेगा
ज्यादा समय लगने वाली शिकायतों के मामले में शिकायतकर्ता को कारण बताते हुए अंतरिम जवाब में संभावित समयसीमा के बारे में सूचित किया जाएगा। डीएआरपीजी के सचिव वी. श्रीनिवास ने बताया कि गाइडलाइंस में अपील तंत्र का भी प्रविधान है। अपीलीय प्राधिकारी स्वतंत्र रूप से अपील पर विचार करेगा और अधिकतम 30 दिनों में उसका निपटारा करेगा।
नागरिक पोर्टल पर फीडबैक दे सकता है
प्रत्येक मंत्रालय में एक शिकायत प्रकोष्ठ स्थापित किया जाएगा जिसमें पर्याप्त संसाधन होंगे। शिकायत का निवारण होने पर नागरिक के पंजीकृत मोबाइल फोन पर एसएमएस या ईमेल भेजा जाएगा। समाधान से असंतुष्ट होने पर नागरिक पोर्टल पर फीडबैक दे सकता है और अपील कर सकता है। इसके लिए वाट्सएप, चैटबोट इत्यादि माध्यम का भी उपयोग कर सकता है।
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दो एआइ टूल्स का इस्तेमाल करने को कहा
डीएआरपीजी ने शिकायतों के गहन विश्लेषण के लिए सरकारी विभागों को दो एआइ टूल्स का इस्तेमाल करने को कहा है। खास बात यह है कि अगर शिकायत झूठी, दुर्भावनापूर्ण, जानबूझकर और शिकायतकर्ताओं द्वारा आदतन बार-बार शिकायत दर्ज कराई गई, तो ऐसे शिकायतकर्ताओं को चिह्नित और ब्लाक कर दिया जाएगा।