ऑपरेशन ऑक्टोपस 2.0: हैदराबाद पुलिस ने किया साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़, 9 राज्यों से 52 आरोपी गिरफ्तार
हैदराबाद पुलिस ने 'ऑपरेशन ऑक्टोपस 2.0' के तहत एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में 9 राज्यों से 52 संदिग्धों को गिरफ्तार क ...और पढ़ें
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हैदराबाद पुलिस ने 'ऑपरेशन ऑक्टोपस 2.0' के तहत बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस ऑपरेशन के तहत 9 राज्यों से 52 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 32 बैंक कर्मचारी शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि इस ऑपरेशन का निशाना वे बैंक कर्मचारी थे, जो साइबर अपराधियों को अवैध पैसा ट्रांसफर करने के लिए फर्जी (म्यूल) खाते खोलने और चलाने में मदद कर रहे थे।
गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों में बैंक ऑफ बड़ौदा, बंधन बैंक और इंडसइंड बैंक जैसे बैंकों के मैनेजर, क्लर्क और KYC स्टाफ शामिल हैं।
9 राज्यों से 52 आरोपी गिरफ्तार
यह कार्रवाई कई राज्यों में पुलिस की अलग-अलग टीमों द्वारा एक हफ्ते तक चले ऑपरेशन के दौरान की गई। इन राज्यों में महाराष्ट्र, दिल्ली, कर्नाटक, तेलंगाना और अन्य शामिल हैं।
रेड के दौरान, पुलिस ने 26 मोबाइल फोन, 14 चेक बुक, 21 फर्जी कंपनी की मुहरें और अन्य सामान जब्त किया। अधिकारियों ने बताया कि इन चीजों का इस्तेमाल फर्जी खाते बनाने और उन्हें चलाने के लिए किया जाता था।
मनी ट्रेल पर पैनी नजर: DCP वी. अरविंद
साइबर क्राइम DCP वी. अरविंद बाबू ने कहा, 'इस नेटवर्क में बैंक के अंदर के लोग शामिल थे, जिन्होंने साइबर अपराधियों को फर्जी खातों के जरिए चोरी का पैसा इधर-उधर करने में मदद की। पुलिस पैसे के पूरे लेन-देन (मनी ट्रेल) पर नजर रख रही है।'
CP गुसेराबाद वी. सी. सज्जनार ने कहा, 'ऐसे अपराधों में शामिल कोई भी व्यक्ति, चाहे उसकी कोई भी हैसियत हो, उसपर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हम साइबर क्राइम नेटवर्क के खिलाफ अपनी कड़ी कार्रवाई जारी रखेंगे।'
पुलिस ने लोगों को किया सतर्क
पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई 'ऑपरेशन ऑक्टोपस 1.0' के बाद की गई है। पिछले ऑपरेशन में 100 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुई थीं और बड़े पैमाने पर हुई धोखाधड़ी से जुड़े सैकड़ों फर्जी खातों का खुलासा हुआ था।
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पुलिस ने नागरिकों को यह भी सलाह दी कि वे OTP या बैंक डिटेल्स किसी के साथ शेयर न करें, अनजान लिंक्स पर क्लिक करने से बचें और अपना बैंक अकाउंट कभी भी किसी दूसरे व्यक्ति को न दें।
पीड़ित 1930 पर कॉल करके या आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर जाकर साइबर फ्रॉड की शिकायत कर सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि आगे की जांच जारी है और और भी गिरफ्तारियां होने की उम्मीद है।