ऑपरेशन सिंदूर, NEET परीक्षा और राम मंदिर... देश में जब भी छाए संकट के बादल, संकटमोचक बनी वायुसेना
भारतीय वायुसेना ने देश के संकटों में हमेशा ढाल का काम किया है, चाहे वह ऑपरेशन सिंदूर हो या नीट परीक्षा के गोपनीय प्रश्नपत्रों की डिलीवरी।

देश के लिए हर बार संकटमोचक बनी वायुसेना (जागरण)
HighLights
भारतीय वायुसेना ने देश के हर संकट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ऑपरेशन सिंदूर, नीट पेपर डिलीवरी में IAF की महत्वपूर्ण भूमिका।
रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा राम मंदिर ट्रस्ट के CEO बने।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में जब भी संकट के बादल छाए हैं, भारतीय वायुसेना हर बार ढाल बनकर खड़ी रही है। देश के बाहर का मुद्दा हो या कोई आंतरिक मामला, वायु सेना ने हर मुश्किल को आसान बनाया है।
ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को चारों खाने चित करने वाली भारतीय वायुसेना, नीट पेपर लीक के मुद्दे पर भी देश के छात्रों के साथ खड़ी रही।
वहीं अब फिर एक बार जब राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया है, तब फिर एक बार भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।
देश के साथ मजबूती से खड़ी रही IAF
NEET-UG परीक्षा में एग्जाम सेंटर तक पेपर पहुंचाने से लेकर बड़े सैन्य अभियानों में अहम भूमिका निभाने तक, भारतीय वायुसेना (IAF) ने बार-बार तब कदम बढ़ाया है जब देश को सटीकता, गति और गोपनीयता की सबसे ज्यादा जरूरत महसूस हुई है।
देश के सामने आती चुनौती और वायुसेना का कनेक्शन हर बार सामने आता है। दुश्मन देश को जवाब देने में IAF हमेशा आगे रहती है। सिर्फ ऑपरेशन सिंदूर ही नहीं, बल्कि वायुसेना ने कई बार दुश्मन देशों पर एयरस्ट्राइक करके भी भारत की ताकत का परिचय दिया है।
वहीं अब राम मंदिर के मुद्दे पर फिर एक बार रुख वायुसेना की तरफ मुड़ा है। IAF में 43 साल से ज्यादा समय तक सेवाएं दे चुके रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला CEO नियुक्त किया गया है।
IAF के ऑपरेशन सिंदूर पर देश को गर्व
IAF ने ऑपरेशन सिंदूर करके पूरे देश को जवानों पर गर्व महसूस कराया था। यह ऑपरेशन 7 मई, 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू हुआ था। पहलगाम आतंकी हमले में देश के 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकवाद-संबंधी बुनियादी ढांचे के खिलाफ मिसाइल हमले किए। भारत ने कहा कि ये हमले आतंकी बुनियादी ढांचे पर केंद्रित थे, न कि पाकिस्तानी सैन्य या नागरिक सुविधाओं पर।
NEET पेपर कराने की जिम्मेदारी निभाई
मई 2026 में हुई नीट परीक्षा के लीक हो जाने के बाद देशभर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए थे, लेकिन पेपर लीक होने के साथ ही दोबारा परीक्षा की तारीख भी घोषित कर दी गई। वहीं इतनी जल्दी परीक्षा को सुचारू रूप से कराने की जिम्मेदारी में IAF को भी शामिल किया गया।
जून 2026 में जब नीट की दोबारा परीक्षा हुई, तब IAF को एक बहुत ही संवेदनशील लॉजिस्टिकल काम सौंपा गया था और वो काम था, पूरे देश में गोपनीय NEET-UG 2026 पुन: परीक्षा प्रश्न पत्र के पैकेट पहुंचाना।
पेपर को देश भर में 18 से ज्यादा क्षेत्रीय केंद्रों और 20 से ज्यादा जगहों पर हवाई मार्ग से पहुंचाया गया। इसका मकसद पेपर-लीक विवाद के कारण मूल NEET-UG परीक्षा रद होने के बाद, प्रश्न पत्रों को सुरक्षित रूप से उनकी मंजिल तक पहुंचाना और उनकी हैंडलिंग को कम से कम करना था। IAF ने ये मिशन पूरी गोपनीयता के साथ पूरा किया।
अब राम मंदिर में मिली जिम्मेदारी
IAF से रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला CEO नियुक्त किया गया है। इन्हें अयोध्या में राम मंदिर की देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राम मंदिर में CEO के पद पर नियुक्ति के बाद अपने पहले इंटरव्यू में, मिश्रा ने अपने चयन को सौभाग्य की बात बताया और इसे भगवान राम का आशीर्वाद माना।
जितेंद्र मिश्रा ने कहा, 'मैं इसे बहुत सौभाग्य की बात मानता हूं कि इतने सारे उम्मीदवारों में से उन्होंने मुझे चुना। मैं इसे भगवान राम का आशीर्वाद भी मानता हूं कि वायु सेना में देश की 43 साल की सेवा के बाद, उन्होंने मुझे श्री राम मंदिर और श्री राम भक्तों की सेवा करने का मौका दिया है।'
ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने कहा कि यह निर्णय ट्रस्ट की बैठक में चर्चा के बाद लिया गया। उन्होंने मिश्रा के बैकग्राउंड की अहमियत बताते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' के साथ उनके जुड़ाव का भी जिक्र किया।
कृष्ण मोहन ने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उन्होंने वायु सेना ने अहम भूमिका निभाई थी और वे उस ऑपरेशन के दौरान कमांडर-इन-चीफ थे।'
यह भी पढ़ें- पाकिस्तान के F-16 को गिराने वाले अभिनंदन ने छोड़ी वायुसेना, ज्वाइन की प्राइवेट एयरलाइन
