यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
राज्यसभा में संसदीय पैनल पेश करेगी Global Terrorism Report, आतंकवाद से निपटने के लिए सभी स्तर पर उठाए जाएंगे कड़े कदम
जानकारी की भारी मात्रा और संचालन के पैमाने के कारण सभी मुद्दों को सदन के पटल पर उठाना संभव नहीं है। इस प्रकार ऐसी स्थितियों से निपटने और क्षेत्र-विशिष ...और पढ़ें

एएनआई, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देंगे। बजट सत्र के पहले दिन 31 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित किया था। इस दौरान, संसदीय समिति द्वारा तैयार की गई 'क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वैश्विक आतंकवाद का मुकाबला' पर एक रिपोर्ट राज्यसभा में प्रस्तुत की जाएगी।
आतंकवाद से निपटने का दिया जाएगा सुझाव
राज्यसभा सांसद अशोक कुमार मित्तल और प्रकाश जावड़ेकर 'क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वैश्विक आतंकवाद का मुकाबला' पर विभाग-संबंधित विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति (सत्रहवीं लोकसभा) की 28वीं रिपोर्ट की एक प्रति टेबल पर रखेंगे।
सूत्रों ने कहा कि रिपोर्ट में, समिति ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों आयामों को शामिल करते हुए आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए सरकार को सिफारिशें प्रदान की हैं। मालूम हो कि संसदीय समितियों की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होती हैं और सरकार उन्हें गंभीरता से लेती है।
कई मायनों में बेहद अहम है संसदीय पैनल
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, जानकारी की भारी मात्रा और संचालन के पैमाने के कारण सभी मुद्दों को सदन के पटल पर उठाना संभव नहीं है। इस प्रकार, ऐसी स्थितियों से निपटने और क्षेत्र-विशिष्ट चिंताओं को उठाने के लिए संसदीय समितियों का गठन किया जाता है।
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सरकार को समिति के सुझावों पर हुई प्रगति का आकलन करने के लिए सदन में 'कार्रवाई रिपोर्ट' पेश करनी होती है। भले ही समिति की रिपोर्ट सरकार के लिए बाध्यकारी नहीं हैं, फिर भी वे विधायिका को कार्यपालिका की निगरानी सुनिश्चित करने में मदद करती हैं।
जम्मू-कश्मीर का अंतरिम बजट होगा पेश
समिति की रिपोर्ट के अलावा, केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव जल (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 1974 में संशोधन के लिए जल (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) संशोधन विधेयक, 2024 विधेयक को राज्यसभा में पेश करेंगे।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वर्ष 2024-25 के लिए केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की अनुमानित प्राप्तियों और व्यय का विवरण (हिंदी और अंग्रेजी संस्करण) प्रस्तुत करेंगी। बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहले आखिरी सत्र के इस साल अप्रैल-मई में होने की उम्मीद है, जो 10 दिनों की अवधि में आठ बैठकों में चलेगा और 9 फरवरी को समाप्त हो सकता है।