आजादी के 80 साल: भारत की वैश्विक छवि कैसी? अमेरिका-ब्रिटेन समेत दुनिया के 36 देशों की राय सामने आई
प्यू रिसर्च सेंटर के सर्वे के अनुसार, भारत की वैश्विक छवि श्रीलंका में सबसे सकारात्मक (79%) और पाकिस्तान में सबसे नकारात्मक (91%) पाई गई।

अमेरिका-ब्रिटेन समेत दुनिया के 36 देशों का भारत के लिए नजरिया (फाइल फोटो)

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डिजिटल, नई दिल्ली। भारत की वैश्विक छवि को लेकर प्यू रिसर्च सेंटर के ताजा सर्वे में एक दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। एक तरफ श्रीलंका में भारत को लेकर सबसे सकारात्मक राय देखने को मिली, वहीं पाकिस्तान में भारत के प्रति सबसे ज्यादा नकारात्मक भावनाएं हैं। अमेरिका में भारत की छवि सकारात्मक और नकारात्मक राय के बीच बंटी हुई नजर आई।
प्यू रिसर्च सेंटर ने 36 देशों के 42,151 लोगों के बीच आठ फरवरी से 13 मई 2026 के दौरान यह सर्वे किया। सर्वे में भारत समेत एशिया, यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका के लोगों से अलग-अलग देशों के बारे में उनकी राय पूछी गई।
श्रीलंका में भारत की सबसे मजबूत छवि
प्रेट्र के अनुसार, भारत के लिए सबसे अच्छी खबर श्रीलंका से आई। सर्वे में 79% श्रीलंकाई लोगों ने भारत के बारे में सकारात्मक राय जाहिर की।
यह भारत के प्रति सर्वे में शामिल देशों में सबसे ऊंची रेटिंग है। इसके उलट पाकिस्तान में सिर्फ 7% लोगों ने भारत के बारे में सकारात्मक राय रखी, जबकि 91% की राय नकारात्मक थी।
भारत की छवि के मामले में केन्या और ब्रिटेन जैसे देशों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। वहीं तुर्की और आस्ट्रेलिया जैसे देशों में भारत के प्रति नकारात्मक राय अपेक्षाकृत ज्यादा है।
बांग्लादेश में राय बंटी
बांग्लादेश में 42% लोगों की भारत के प्रति सकारात्मक और 51% की नकारात्मक राय रही। दोनों देशों के बीच हाल के वर्षों में राजनीतिक घटनाक्रम और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारत में शरण मिलने के मुद्दे ने रिश्तों को प्रभावित किया है।
इसके बावजूद एशिया के कई अन्य देशों में भारत की छवि अपेक्षाकृत मजबूत है। जापान, इंडोनेशिया, सिंगापुर और फिलीपींस जैसे देशों में भारत को लेकर सकारात्मक राय रखने वालों की संख्या नकारात्मक राय वालों से अधिक या उसके आसपास है।
अमेरिका में भारत को लेकर बढ़ी दूरी
एएनआइ के अनुसार, अमेरिका में भारत की छवि पहले के मुकाबले कुछ कमजोर हुई है। सर्वे में 45% अमेरिकियों ने भारत के बारे में सकारात्मक राय रखी, जबकि करीब आधे की राय नकारात्मक रही।
प्यू के मुताबिक, यह भारत के लिए अमेरिका में 2008 के बाद की सबसे कमजोर रेटिंग है। 2023 में 51% अमेरिकियों ने भारत के प्रति सकारात्मक राय जताई थी।
अमेरिका में राजनीतिक विभाजन भी दिखाई देता है। डेमोक्रेट समर्थकों में करीब 50% की भारत के प्रति सकारात्मक राय रही, जबकि रिपब्लिकन समर्थकों में यह आंकड़ा करीब 42% रहा।
अमेरिका ने क्या कहा?
भारत के वैश्विक प्रभाव को लेकर भी अमेरिकी राय पूरी तरह एकमत नहीं है। करीब 30% अमेरिकियों का मानना है कि दुनिया में भारत का प्रभाव बढ़ रहा है, जबकि 54% के अनुसार उसका प्रभाव लगभग वैसा ही बना हुआ है।
प्यू के इसी व्यापक सर्वे में यह भी सामने आया है कि दुनिया के कई देशों में चीन की छवि अमेरिका से बेहतर हुई है, लेकिन भारत, जापान, दक्षिण कोरिया और फिलीपींस उन देशों में हैं जहां अमेरिका को चीन की तुलना में ज्यादा सकारात्मक नजर से देखा जाता है।
अमेरिका से भारत के लिए खास संदेश
अमेरिका के कई राज्यों के गवर्नरों ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारत के लोगों को बधाई दी है। उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती दोस्ती और पूरे अमेरिका में भारतीय और भारतीय-अमेरिकी समुदायों के योगदान की प्रशंसा की। प्रमुख सीनेटरों और सांसदों ने भी भारत और भारतीय-अमेरिकी समुदाय को बधाई संदेश भेजे हैं और उनकी उपलब्धियों को सराहा है।
साउथ डकोटा के गवर्नर लैरी रोडन, मोंटाना के ग्रेग जियानफोर्ट और अलास्का के माइक डनलीवी ने सिएटल में भारत के कान्सुलेट जनरल द्वारा साझा किए गए वीडियो के जरिए अपने संदेश दिए। इन सभी ने भारत और अपने-अपने राज्यों के बीच गहरे और लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों पर जोर दिया।
ये संदेश ऐसे समय में आए हैं, जब भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी गवर्नरों ने भारत की यात्रा, वहां के प्रवासी लोगों के योगदान और भारत व अमेरिका के लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने के महत्व पर अपने विचार रखे।

