पीएम मोदी ने देश की नारी शक्ति से मांगी माफी, पढ़ें प्रधानमंत्री के संबोधन की बड़ी बातें
प्रधानमंत्री मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित न होने पर राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने महिलाओं से माफी मांगी और विपक्ष, खासकर कांग्रेस व सपा क ...और पढ़ें

पींएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें (YouTube/Narendra Modi)

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। परिसीमन के साथ नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित नहीं होने को सरकार की नाकामी बताने वालों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कड़ा जवाब दिया है।
राष्ट्र के नाम संबोधन में विधेयक पास नहीं करा पाने के लिए नारीशक्ति से क्षमा मांगते हुए उन्होंने कहा, 'हम नाकाम नहीं हुए हैं, हमारे हौसले बुलंद हैं और आधी आबादी को उनका हक दिलाने का संकल्प पूरा करके रहेंगे।'
पीएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें
- पीएम ने संबोधन में कहा, अभी हमारे पास संख्या बल नहीं था लेकिन हमारा आत्मबल अजेय है। हमारे पास आगे और मौके आएंगे। देश के भविष्य के लिए इस संकल्प को पूरा करना ही है।
- पीएम ने विधेयक पास नहीं होने के लिए कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और सपा को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि देश की महिलाएं उन्हें कभी माफ नहीं करेंगी। प्रधानमंत्री मोदी ने साफ किया कि महिलाओं का उनका अधिकार दिलाने का विषय कामयाबी और नाकामयाबी का नहीं है। पहले ही वे बिल पास होने का श्रेय फोटो से साथ विज्ञापन छपकार विपक्षी नेताओं को देने का वायदा कर चुके हैं। लेकिन विपक्ष ने ये अवसर गवां दिया। इसके पास नहीं होने से वे भी देश की महिलाओं के साथ दुखी हैं।
- प्रधानमंत्री ने कहा कि विधेयक पारित नहीं होने पर विपक्षी दल ताली बजा रहे थे, सही मायने में मेज पर उनकी थाप महिला स्वाभिमान पर चोट थी। अपने स्वार्थी राजनीतिक हितों के लिए उनन्होंने महिलाओं का रास्ता रोक दिया।
- पीएम ने कहा- आज भले ही हमें 66 फीसद वोट नहीं मिला हो, लेकिन देश की 100 फीसद नारी का समर्थन हमारे पास है। उन्होंने कहा कि विधेयक के नहीं पास होने के बावजूद महिलाओं का हक दिलाने की लड़ाई जारी रहेगी, हमारा इरादा बुलंद हैं और इस संकल्प को पूरा करने का रूकेगा नहीं। ये दल संसद और विधानसभाओं में उन्हें प्रतिनिधित्व दिलाने से नहीं रोक सकेंगे।
- कांग्रेस का साथ साथ सपा पर उन्होंने करारा वार किया और कहा कि उत्तर प्रदेश की महिलाएं अपनी राह रोकने वाली सपा को याद रखेंगी। समाजवादी पार्टी लोहिया जी को तो पहले ही भूल चुकी है। इस विधेयक का विरोध कर लोहिया जी के सपने को रौंद दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार 40 सालों से लटके हुए महिला आरक्षण को 2029 में लागू करना चाहती है। उसी के लिए यह संशोधन विधेयक लाया गया था। सीटें बढ़ाई जा रही थी ताकि महिलाओं को भी ज्यादा सीटें मिलें और राज्यों की आवाज भी बुलंद हो लेकिन कांग्रेस ने क्षेत्रीय दलों का साथ लेकर षडयंत्र रचा।
- प्रधानमंत्री के अनुसार नारी शक्ति विरोध की एक बड़ी वजह परिवारवादी पार्टियों का डर भी है। उन्हें डर है कि महिलाएं सशक्त हो जाएं तो उनका प्रभुत्व खत्म हो जाएगा। इसीलिए वह कभी नहीं चाहेंगे उनके परिवार के बाहर महिलाएं सशक्त हों। प्रधानमंत्री मोदी ने संशोधन विधेयक के विरोध में पूर्वी, दक्षिणी, उत्तरी और पश्चिमी राज्यों में खांचे में बांटकर देखने के लिए विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया।
- पीएम ने कहा कि कांग्रेस और उसके साथी परिसीमन पर लगातार झूठ बोल रहे हैं। विभाजन की आग को सुलगाना चाहते हैं। दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा दे रहे है। इसीलिए कुछ राज्यों के नुकसान की बात उड़ाई। जबकि सरकार ने साफ किया कि सभी राज्यों की सीटें एक समान अनुपात में बढ़ेगी। ये संशोधन बिल सभी राज्यों के लिए एक अवसर था। लेकिन अपने भय के कारण अपने राज्य को भी धोखा दे दिया। तमिलनाडु की आवाज और बुलंद हो सकती थी। वहां के लोगों को मौका मिलता।
- पीएम ने क्षेत्रीय दलों को भी कांग्रेस से आगाह किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस परजीवी की तरह क्षेत्रीय दलों की पीठ पर सवार होकर खुद को जिंदा रखे हुए है लेकिन वह यह भी नहीं चाहती है क्षेत्रीय दलों की ताकत बढ़े इसीलिए इसका विरोध करवाकर उनको भी अंधकार में ढकेलने का प्रयास किया।
- कांग्रेस की राजनीतिक को नकारात्मक बताते हुए उन्होंने कहा - देश की मौजूदा चुनौतियों के लिए सीधे तौर पर कांग्रेस को जिम्मेदार है। कांग्रेस सुधार विरोधी पार्टी है। जनधन हो या आधार और मोबाइल के त्रिशक्ति, सामान्य वर्ग के गरीबों को आरक्षण, तीन तलाक, अनुच्छेद 370, समान नागरिक संहिता, एक देश एक चुनाव जैसे हर सुधार का कांग्रेस ने विरोध किया। कांग्रेस घुसपैठियों को भगाने का भी विरोध करती है। वक्फ में संशोधन का भी विरोध करती है और सीएए के खिलाफ अफवाह फैलाकर तो बवंडर खड़ा करने की कोशिश की थी। कांग्रेस ने पड़ोसी देशों के साथ समझौते को लटकाया, सैनिकों के लिए वन रैंक वन पेंशन को रोके रखा। इसी रवैए का कारण देश का बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। और अब नारी शक्ति को उनका अधिकार देने का भी विरोध किया, देश की मां बहन बेटियां इसका करारा जवाब देगी।
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