विदेश से लौटते ही पीएम मोदी ने क्यों बुलाई बड़ी बैठक? अमित शाह-राजनाथ समेत सभी मंत्री मौजूद
प्रधानमंत्री मोदी ने विदेश यात्रा से लौटकर मंत्रिपरिषद की लंबी बैठक की, जिसमें पश्चिम एशिया संकट और अर्थव्यवस्था पर चर्चा हुई। ...और पढ़ें
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट के साथ मीटिंग (फाइल फोटो)

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विदेश यात्रा से लौटते ही अपने मंत्रिपरिषद के साथ लंबी बैठक की और हर स्तर पर तैयार रहने को कहा।
प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रियों से अपने-अपने विभागों में अनावश्यक खर्चे में कटौती को प्रभावी तरीके से लागू करने का निर्देश दिया और हर स्तर पर ऐसे कदम उठाने का भी निर्देश दिया जो भारत की इकोनमी की रफ्तार को बरकरार रखे।
पीएम मोदी ने मंत्रिपरिषद के साथ लंबी बैठक की
प्रजेंटेशन के माध्यम में यह भी बताया गया कि पश्चिम एशिया में अनिश्चितता है और कोई भी देश उसके प्रभाव से बाहर नही है। भारत मजबूती के साथ खड़ा है लेकिन बहुत सावधानी से बढ़ने की जरूरत है। मंत्री परिषद को प्रधानमंत्री की पांच देशों की सफल यात्रा और उसकी उपलब्धियों की भी जानकारी दी गई।
दरअसल पांच देशों की यात्रा पर जाने के पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सभी देशवासियों से यथासंभव डीजल, पेट्रोल का खर्च करने और एक साल के लिए सोने की खरीद को टालने की अपील की थी। इस अपील पर अमल करते हुए खुद प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सुरक्षा के काफिले में कटौती कर दी थी।
कैबिनेट की बैठक में वे सिर्फ दो गाड़ियों के साथ गए थे। इसी तरह से गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई कैबिनेट मंत्रियों और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी अपनी सुरक्षा काफिले में कटौती का ऐलान किया था।
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पश्चिम एशिया संकट और अर्थव्यवस्था पर चर्चा हुई
मंत्री परिषद की बैठक में प्रधानमंत्री ने इस अपील को दोहराया और कहा कि सभी मंत्रियों को खुद के साथ-साथ अपने करीबी लोगों से इस पर अमल करने के लिए प्रेरित करें।
मंत्री परिषद की बैठक में भाजपा सहित राजग के सभी घटक दलों ने पश्चिम एशिया संकट से निपटने के लिए सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने दुनिया के अन्य देशों की तुलना में पेट्रोल, डीजल की कीमतों में अपेक्षाकृत कम बढ़ोतरी कर जनता पर कम बोझ डालने को भी अच्छा कदम बताया।
साथ ही पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई बाधित होने के बाद डीजल, पेट्रोल, एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी की आपूर्ति सुचारू रखने के लिए उठाए गए कदमों की प्रसंशा की।
26 मई को मोदी सरकार के कार्यकाल के 12 साल पूरे हो रहे हैं और 9 जून को तीसरे कार्यकाल का दूसरा वर्षगांठ भी होगा। इस बाबत सभी विभागों से उपलब्धियों का ब्यौरा भी मांगा गया।
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