धर्मेंद्र प्रधान का कांग्रेस पर हमला, कहा- जीत पर आयोग ईमानदार, हार पर जनादेश की चोरी
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर 'चुनिंदा आक्रोश' दिखाने के लिए हमला बोला। उन्होंने क ...और पढ़ें

HighLights
प्रधान ने कांग्रेस के 'चुनिंदा आक्रोश' को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया।
कहा, कांग्रेस की जीत पर आयोग निष्पक्ष, हार पर जनादेश चोरी।
संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना मतदाताओं का अपमान है।
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी के 'चुनिंदा आक्रोश' पर कड़ा हमला बोला है। सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए प्रधान ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस की नीति को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के लिए चुनाव आयोग की निष्पक्षता केवल उनकी जीत-हार के नतीजों पर निर्भर करती है।
'सिलेक्टिव आउटरेज' लोकतंत्र के लिए खतरा
धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी को सीधे टैग करते हुए सवाल किया कि क्या कांग्रेस यह मानती है कि लोकतंत्र की 'वैधता' का बटन तभी चालू होता है जब नतीजे उनके पक्ष में आते हैं? उन्होंने कहा जब केरल में आपकी पार्टी जीतती है, तो चुनाव आयोग निष्पक्ष और पारदर्शी हो जाता है। लेकिन जैसे ही अन्य राज्यों में हार मिलती है, वही प्रक्रिया 'हथियाया गया जनादेश' और 'चोरी' करार दे दी जाती है। क्या लोकतंत्र केवल आपकी जीत का पैमाना है?"
संवैधानिक संस्थाओं का अपमान
केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि चुनाव आयोग एक स्वायत्त और संवैधानिक संस्था है, जिसने दशकों से देश में निष्पक्ष चुनाव कराए हैं। उन्होंने याद दिलाया कि इसी व्यवस्था के तहत भाजपा, कांग्रेस और तमाम क्षेत्रीय दलों को सत्ता मिली है।
मतदाताओं का अपमान: प्रधान ने कहा कि पश्चिम बंगाल से लेकर असम तक, चुनावी नतीजों को शक की नजर से देखना करोड़ों मतदाताओं की पसंद और उनकी बुद्धिमत्ता का अपमान है।
आत्मचिंतन की कमी: उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि हार के बाद अपनी कमियों पर आत्मचिंतन करने के बजाय संस्थाओं को बदनाम करना कांग्रेस की पुरानी आदत बन चुकी है।
हकीकत से टूट चुका है कांग्रेस का रिश्ता
धर्मेंद्र प्रधान ने तीखा हमला जारी रखते हुए कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में अगर कुछ 'फिक्स्ड' नजर आता है, तो वह है "कांग्रेस का चुनावी हकीकत से टूटा हुआ रिश्ता"। उन्होंने कहा कि जनादेश को स्वीकार न करना और बार-बार लोकतांत्रिक गरिमा को ठेस पहुँचाना यह दर्शाता है कि कांग्रेस वास्तविकता से पूरी तरह कट चुकी है।
खबरें और भी
मंत्री ने स्पष्ट किया कि बार-बार संस्थाओं पर कीचड़ उछालने से लोकतंत्र मजबूत नहीं, बल्कि कमजोर होता है। उन्होंने कांग्रेस को नसीहत दी कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है और उसे विनम्रता से स्वीकार करना ही राजनीतिक शुचिता है।