Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    PSLV- C36 प्रक्षेपण के कुछ देर बाद ही रिसोर्ससैट-2ए कक्षा में स्‍थापित

    By Kishor JoshiEdited By:
    Updated: Wed, 07 Dec 2016 01:34 PM (IST)

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने आज श्रीहरिकोटा से पीएसएलवी - सी36 रिसोर्ससैट-2ए का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया। लॉन्चिंग के कुछ समय बाद ही इसे कक्षा ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    श्रीहरिकोटा (जेएनएन)। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) बुधवार यानि आज अपने ध्रुवीय प्रक्षेपण यान पीएसएलवी सी-36 के जरिए दूरसंवेदी उपग्रह रिसोर्ससैट-2ए को प्रक्षेपित किया। रिसोर्ससैट-2ए को लेकर पीएसएलवी-सी 36 ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरी। प्रक्षेपण के 18 मिनट बाद ही उपग्रह को कक्षा में स्थापित कर दिया गया और इसका कंट्राेल बेंगलुरू स्थित इसरो टेलीमेट्री ट्रेकिंग एंड कमांड नेटवर्क (ISTRAC) ने सभाल लिया।

    यह प्रक्षेपण यान 1235 किलोग्राम वजन के रिसोर्ससैट-2 ए को सूर्य की समकालिक कक्षा में स्थापित करेगा। रिसोर्ससैट-2ए एक दूरसंवेदी उपग्रह है, जिसका लक्ष्य इससे पहले वर्ष 2003 में प्रक्षेपित रिसोर्ससैट-1 और वर्ष 2011 में प्रक्षेपित रिसोर्ससैट-2 के कार्यों को आगे बढ़ाना है। इसका लक्ष्य वैश्विक उपयोगकर्ताओं के लिए दूरसंवेदी डेटा सेवाएं जारी रखना है। यह भारत की वन संपदा और जल संसाधनों के बारे में जानकारी देगा। इससे यह जानने में भी मदद मिल सकती है कि देश के किन इलाकों में कौन से मिनरल हैं। यह सैटलाइट 5 साल तक के लिए सेवाएं देगा।

    इसरो ने इस वर्ष भरी कामयाबी की ऊंची उड़ान, देखें तस्वीरें

    रिसोर्ससैट-2ए रिमोट सेंसिंग उपग्रह है जिसका उद्देश्य संसाधनों की खोज और निगरानी करना है। यह इससे पहले वर्ष 2003 में छोड़े गए रिसोर्स सैट-1 तथा वर्ष 2011 में छोड़े गए रिसोर्स सैट-2 के क्रम में अगला उपग्रह है।

    पढ़ें- एक साथ 83 सेटेलाइट लांच कर कीर्तिमान बनाएगा इसरो

    इससे पहले इसी साल सितंबर में पीएसएलवी अपने साथ आठ उपग्रहों को लेकर गया था, जिसमें एक मौसम संबंधी और अन्य सात उपग्रह थे। पीएसएलवी के साथ भेजे गए पांच विदेशी उपग्रहों में अल्जीरिया के तीन उपग्रह थे। इसमें अल्जीरिया के अल्सैट-1 बी, अल्सैट-2 बी, अल्सैट-1 एन, कनाडा का 'एनएलएस-19' और अमेरिका का एक 'पाथफाइंडर' उपग्रह शामिल था।

    खबरें और भी

    इन देशों के लिए पसंदीदा है ISRO

    इसरो की किफायती तकनीक के मुरीद 20 देश हैं जो अपने उपग्रह इससे प्रक्षेपित करवाते हैं। अल्जीरिया, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, कनाडा, डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, इजराइल, इटली, जापान, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड, तुर्की, ब्रिटेन और अमेरिका। बता दें कि 1994 से 2016 के बीच पीएसएलवी ने कुल 121 सैटेलाइ को लांच किया गया है। जिसमें 79 सैटेलाइट विदेशी है, जबकि 42 भारतीय सैटेलाइट हैं।

    पढ़ें- मिशन कंप्लीट: PSLV C-35 ने सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किए सभी उपग्रह