AAP ने राघव चड्ढा को राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद से क्यों हटाया, किस वजह से किया किनारा; कहां बिगड़ी बात?
आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटा दिया है, उनकी जगह अशोक मित्तल को जिम्मेदारी सौंपी गई। ...और पढ़ें
HighLights
राघव चड्ढा को AAP ने राज्यसभा डिप्टी लीडर पद से हटाया
अशोक मित्तल ने ली जगह, पार्टी ने बताया सामान्य प्रक्रिया
पार्टी लाइन का पालन न करना हटाने का मुख्य कारण
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी में राघव चड्ढा और पार्टी हाईकमान के बीच बढ़ती दरार अब सार्वजनिक रूप से सामने आ गई है। गुरुवार को पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में अपना डिप्टी लीडर पद से हटा दिया और उनकी जगह पंजाब से सांसद अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी।
साथ ही, पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर कहा कि चड्ढा को पार्टी कोटे से बोलने का समय न दिया जाए।
क्या था फैसले का कारण?
टीओआई के रिपोर्ट के अनुसार, चड्ढा को हाल के दिनों में पार्टी की लाइन का सख्ती से पालन न करने और कुछ मुद्दों पर चुप्पी साधने के लिए साइडलाइन किया गया। खासतौर पर, दिल्ली शराब नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के बरी होने के बाद चड्ढा ने कोई बयान नहीं दिया। केजरीवाल जब प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पार्टी कार्यालय पहुंचे, तब भी चड्ढा वहां मौजूद नहीं थे।
इससे पहले, 2024 लोकसभा चुनाव से पहले केजरीवाल की गिरफ्तारी के दौरान भी चड्ढा ने कोई टिप्पणी नहीं की थी। उन्होंने तब दावा किया था कि वे ब्रिटेन में आंख की सर्जरी करा रहे थे।
पिछले हफ्ते जब पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले चड्ढा के भाजपा में जाने की अटकलें उड़ीं, तब आप नेता संजय सिंह ने इसे खारिज करते हुए कहा था कि अगर परिवार में कोई मुद्दा है तो चर्चा से सुलझाया जाता है। अगर जरूरत पड़ी तो हम उसका सामना करेंगे।

नए डिप्टी लीडर अशोक मित्तल का बयान
नए डिप्टी लीडर अशोक मित्तल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चड्ढा के हटाए जाने को सामान्य पार्टी प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि इसके पीछे कोई खास वजह नहीं है। मित्तल ने अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि हमारी पार्टी में हर कोई बोलने का समय पाता है।
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यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। भविष्य में राघव चड्ढा को भी राज्यसभा में बोलने का समय दिया जाएगा। वहीं, पंजाब विधानसभा चुनाव में चड्ढा की भूमिका पर पार्टी बाद में फैसला करेगी।

भाजपा का केजरीवाल पर हमला
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सच्चदेवा ने इस घटना पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटाना और बोलने का समय रोकने का फैसला अरविंद केजरीवाल की अराजकता को दर्शाता है। सच्चदेवा ने आरोप लगाया कि चड्ढा कि अराजक और भ्रष्ट केजरीवाल नेतृत्व से दूरी बनाने की कीमत चुका रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पहले स्वाति मालीवाल और अब राघव चड्ढा को इसी तरह अपमानित किया जा रहा है। कमजोर केजरीवाल न तो पार्टी के अंदरूनी विरोध का और न ही विपक्ष का सामना कर पा रहे हैं।
क्या है राघव चड्ढा का राजनीतिक सफर
राघव चड्ढा आप के पुराने साथी हैं। 2012 में अरविंद केजरीवाल के साथ दिल्ली लोकपाल बिल पर काम करते हुए उन्होंने राजनीति में कदम रखा। 2015 दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद वे पार्टी के सबसे युवा कोषाध्यक्ष बने। 2019 में दक्षिण दिल्ली से लोकसभा चुनाव हारे, लेकिन 2020 में राजेंद्र नगर से विधायक चुने गए। बाद में दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष भी रहे।
2022 में मात्र 33 साल की उम्र में वे पंजाब से राज्यसभा सांसद बने और 2023 में पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में अपना लीडर बना दिया। संसद में उन्होंने कई जनहित के मुद्दे उठाए।
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