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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 20, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रेल किराए में 14.2 फीसद की वृद्धि, माल भाड़ा 6.5 फीसद बढ़ा

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Updated: Sat, 21 Jun 2014 12:33 PM (IST)

आम बजट से पहले ही नरेंद्र मोदी सरकार ने आम आदमी को रेल किराए में इजाफा करके जोर का झटका दे डाला है। शुक्रवार को केंद्र सरकार ने रेल भाड़े में वृद्धि का ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। आम बजट से पहले ही नरेंद्र मोदी सरकार ने आम आदमी को रेल किराए में इजाफा करके जोर का झटका दे डाला है। शुक्रवार को केंद्र सरकार ने रेल भाड़े में वृद्धि का ऐलान कर यह बता दिया कि आने वाले दिन भी आसान नहीं होंगे। रेल मंत्रालय ने आज रेल मालभाड़े में करीब 6.4 फीसद और रेल किराए में करीब 14.2 फीसद की वृद्धि का ऐलान कर दिया। बढ़ा हुआ रेल किराया 25 जून से लागू हो जाएगा। इसकी घोषणा रेल मंत्री सदानंद गौड़ा ने की है।

फैसला 25 जून से होगा लागू

यह बढ़ा हुआ किराया 25 जून से लागू होगा और जो यात्री टिकट ले चुके हैं उन्हें सफर के दौरान ये भाड़ा देना पड़ेगा। यात्री भाड़े पर जो 14.2 फीसद किराये की बढ़ोतरी हुई उनमें 10 फीसद भाड़ा बेसिक किराया पर बढ़ेगा जबकि 4.2 फीसदी भाड़ा फ्यूएल एडजस्मेंट पर लगेगा।

पिछली सरकार के फैसले को किया लागू

सरकारी सूत्रों के अनुसार रेल भाड़े में बढ़ोतरी का प्रस्ताव पिछली यूपीए सरकार का ही था लेकिन लोकसभा चुनाव के कारण इसे लागू नहीं किया जा सका था। रेल किराए में बढ़ोतरी का सीधा असर इसमें सफर करने वाले लाखों लोगों पर पड़ेगा। रेल मंत्रालय के मुताबिक बेसिक फेयर पर दस फीसद और अन्य पर करीब 4.2 फीसद की वृद्धि की गई है। इस फैसले से रेलवे को आठ सौ करोड़ रुपये का फायदा होगा। सरकार ने अपना बचाव करते हुए कहा है कि यूपीए सरकार ने यह वृद्धि करने की घोषणा की थी लेकिन चुनाव घोषित होने के बाद इसको लागू नहीं किया गया था।

रेल मंत्री ने पहले ही दे दिए थे संकेत

इससे पहले रेल मंत्री ने बृहस्पतिवार को यहां पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा था कि रेलवे धन की कमी से जूझ रही है। पूंजी जुटाने के लिए यात्री किराए एवं मालभाड़े में बढ़ोतरी का प्रस्ताव लंबित है। सरकार के आज के इस कदम से रेलवे को तकरीबन 800 करोड़ का लाभ होगा। गौरतलब है कि 9 जुलाई को रेल बजट पेश होना है। मालभाड़े में हुई वृद्धि के बाद देश में खाद्य पदार्थो समेत अन्य चीजों की कीमतों में वृद्धि होना स्वाभाविक है। यूं भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ ही दिन पहले कहा था कि देश हित में सरकार को कड़े फैसले लेने होंगे।

कुछ अन्य अहम फैसले भी लिए गए

235 किलोमीटर की रेलवे लाइन बिछाई जानी है, जो छत्तीसगढ़ में दूसरे सबसे बड़े आयरन ओर रिजर्व को जोड़ती है। दरअसल भिलाई स्टील प्लांट को अभी जहां से लौह अयस्क मिल रहा है, वहां इसका भंडार कुछ वर्षो में खत्म हो जाएगा। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया इस रेल प्रोजेक्ट के लिए एनएमडीसी के साथ मिलकर फंडिंग कर रही है। उसने 1983 में पहली बार छत्तीसगढ़ के रोघाट एरिया से आयरन ओर निकालने का प्रस्ताव रखा था। इस प्रोजेक्ट के लिए बस्तर जिले में नक्सल प्रभावित एरिया में रेलवे लाइन के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस भी दी गई है।

रेल मंत्री की प्राथमिकता

- सेफ्टी और सिक्यॉरिटी

- ट्रेनों की औसतन स्पीड 150 से 200 किमी प्रति घंटा करना

- बुलेट ट्रेन चालू कराना

- समय पर सभी ट्रेनों का हो परिचालन

- ट्रेनों और स्टेशनों पर सफाई

- रेल में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता को संतोषजनक बनाना

- भारतीय रेल को विश्व स्तर का बनाना

बढ़ोत्तरी के बाद दिल्ली से मुबई का किराया:-

स्लिपर के लिए पहले-555 रु. अब 632।

एसी-3 के लिए पहले-1815, अब 2073।

एसी-2 के लिए पहले-2495, अब 2849 ।

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अब साधारण टिकट पर भी होगा नाम और पता

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