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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Budget 2024: अब रेल बजट अलग से क्यों नहीं होता पेश? जानें क्यों बदल गई 92 साल पुरानी परंपरा

    Updated: Thu, 01 Feb 2024 10:43 AM (IST)

    Railway Budget 2024 1924 से शुरू हुई रेल बजट पेश करने की परंपरा का अंत साल 2017 में हो गया जब पहली बार रेल बजट को आम बजट में मर्ज कर दिया गया। 2017 से ...और पढ़ें

    Railway Budget: अब रेल बजट अलग से क्यों नहीं होता पेश, कब बना आम बजट का हिस्सा (फोटो जागरण ग्राफिक्स)
    Railway Budget: अब रेल बजट अलग से क्यों नहीं होता पेश, कब बना आम बजट का हिस्सा (फोटो जागरण ग्राफिक्स)

    HighLights

    1. आम बजट के साथ पेश होता है रेल बजट।
    2. 2017 में पहली बार पेश हुआ था संयुक्त बजट।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। Railway Budget 2024: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज अंतरिम बजट पेश कर दिया है। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के अंतरिम बजट में कई बड़ी घोषणाएं की गई। इस बजट में रेल यात्रियों की सुरक्षा पर जोर रहा। इसके साथ ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तीन बड़े रेलवे कॉरिडोर की घोषणा की।

    बता दें कि 1924 से शुरू हुई रेल बजट पेश करने की अलग परंपरा का अंत साल 2017 में हो गया। पहली बार रेल बजट को आम बजट के साथ पेश किया गया। 2017 से पहले केंद्र सरकार रेलवे के लिए अलग बजट पेश करती थी, लेकिन इसके बाद रेलवे का बजट आम बजट के साथ ही पेश किया जाने लगा। 

    आम बजट का हिस्सा क्यों बना रेलवे?

    • केंद्र सरकार ने साल 2016 में रेलवे बजट को केंद्रीय बजट में मिलाने का फैसला किया था।
    • नीति आयोग की सिफारिशों के बाद केंद्र सरकार ने रेल बजट को केंद्रीय बजट में मर्ज कर दिया।
    • मोदी सरकार ने सदियों से चली आ रही इस परंपरा को खत्म किया और साल 2017 में पहली बार रेल बजट, आम बजट के साथ पेश किया गया।
    • तत्कालीन वित्त मंत्री दिवंगत अरुण जेटली ने वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए पहला संयुक्त बजट पेश किया।
    • 2017 से पहले रेलवे का अलग बजट बनता था और इसे आम बजट के पेश होने के दूसरे दिन संसद में पेश किया जाता था।

    क्यों महत्वपूर्ण है रेलवे?

    भारतीय रेलवे देश की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण नींव है। पिछले कुछ सालों के दौरान भारतीय रेलवे में बदलाव आए हैं। सरकारी खर्च का एक बड़ा हिस्सा इस क्षेत्र से आता है। लाखों लोग रोजाना भारतीय रेल से सफर करते हैं। इसी के चलते मोदी सरकार ने पिछले कुछ सालों में रेलवे का बजट भी बढ़ाया है। वित्त वर्ष 2023-24 में रेलवे बजट 2.4 लाख करोड़ से अधिक था। इससे पहले साल 2022 में रेल मंत्रालय को 1 लाख करोड़ से अधिक आवंटित किए गए थे।

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    इस साल आया था पहला रेल बजट

    साल 1924 में पहला रेल बजट पेश किया गया था। इससे पहले रेल बजट को आम बजट के साथ ही पेश किया जाता था। 1920-21 में एक्वर्थ कमेटी ने रेल बजट पेश करने को लेकर एक रिपोर्ट सौंपी थी। उन्होंने रेल बजट को आम बजट से अलग पेश करने की सिफारिश की थी। इसके बाद रेल बजट को आम बजट से अलग कर दिया गया।

    आजाद भारत में किसने पेश किया था पहला रेल बजट?

    • बता दें कि देश को आजादी मिलने के बाद जॉन मथाई को रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
    • आजाद भारत में देश के पहले रेल मंत्री जॉन मथाई ने रेल बजट पेश किया था।
    • उन्होंने वित्त मंत्री के रूप में दो बजट भी पेश किए।

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