यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मिजोरम पुल हादसे में रेलवे ने बनाई चार सदस्यीय जांच कमेटी, एक माह के अंदर देनी है रिपोर्ट
रेल मंत्रालय ने मिजोरम के आइजल जिले में निर्माणाधीन रेलवे पुल के ढहने के कारणों के जांच के लिए चार सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी को ...और पढ़ें

HighLights
- जांच कमेटी को एक महीने के अंदर देनी है रिपोर्ट
- हादसे में हुई थी 22 लोगों की मौत
आइजोल, पीटीआई। रेल मंत्रालय ने मिजोरम के आइजल जिले में निर्माणाधीन रेलवे पुल के ढहने के कारणों के जांच के लिए चार सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है। इस हादसे में 22 लोगों की मौत हुई है। कमेटी को एक महीने के अंदर अपनी जांच रिपोर्ट देनी है।
रेलवे ने गठन किया चार सदस्यीय कमेटी
इन चार सदस्यीय कमेटी में आरडीएसओ के बीपी अवस्थी, आइआइटी दिल्ली के डा. दिप्ती रंजन साहू, आइआरआइसीएन के शरद कुमार अग्रवाल और एनएफ रेलवे के मुख्य ब्रिज इंजीनियर संदीप शर्मा का नाम शामिल है। रेलवे बोर्ड की वर्क्स-आइ शाखा समिति के कामकाज और रेलवे बोर्ड द्वारा विचार के रिपोर्ट प्रस्तुत करने, समिति की सिफारिश के कार्यान्वयन और सभी संबंधित मुद्दों के लिए मोडल शाखा होगी।
पुल के गिरने से हुई थी 22 लोगों की मौत
आइजोल के करीब बैराबी-सैरांग में बुधवार को निर्माणाधीन रेलवे पुल के गिरने से 22 लोगों की मौत तो वहीं तीन अन्य घायल हो गए थे। गुरुवार को रेस्क्यू आपरेशन के तहत मलबे से चार शवों को बाहर निकाला गया। हालांकि अभी भी एक मजदूर के गायब होने की आशंका जताई जा रही है। सभी पीडि़त बंगाल के मालदा के रहने वाले थे। इस घटना के दौरान 26 मजदूर घटनास्थल पर मौजूद थे।
गैलेंट्री गिरने से ढहा था पुल
रेलवे ने बताया कि निर्माणाधीन पुल पर गैलेंट्री गिरने के कारण पुल ढह गया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस हादसे में मरने वालों के स्वजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की है। वहीं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुआवजे के तौर पर मरने वालो को 10 लाख और घायलों को पचास हजार रुपये देने का एलान किया है।