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    दिल्ली HC के अनुरोध पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम, कोयला घोटाला मामलों की सुनवाई से हटाए गए दो जज

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 10:14 AM (IST)

    सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के अनुरोध पर कोयला घोटाला मामलों की सुनवाई कर रहे दो विशेष न्यायाधीशों, सुनैना शर्मा और धीरज मोर को उनके पदों से हटा ...और पढ़ें

    सुप्रीम कोर्ट ने कोयला घोटाला मामलों की सुनवाई से हटाए दो जज

    सुप्रीम कोर्ट ने कोयला घोटाला मामलों की सुनवाई से हटाए दो जज

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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली में कोयला घोटाला के मामलों की सुनवाई के लिए विशेष रूप से नियुक्त सत्र न्यायाधीश को मात्र छह महीने बाद सुप्रीम कोर्ट ने हटा दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के असामान्य अनुरोध पर उठाया है, जिसमें कहा गया था कि वह और एक अन्य विशेष सीबीआई न्यायाधीश किसी अन्य जिम्मेदारियों के लिए अधिक उपयुक्त हैं।

    मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची और वी. मोहना की पीठ ने आदेश में दर्ज किया कि दिल्ली हाई कोर्ट ने विशेष न्यायाधीश सुनैना शर्मा और धीरज मोर के तबादले की मांग की थी, ताकि उन्हें अन्य जिम्मेदारियां सौंपी जा सकें।

    सुप्रीम कोर्ट को दिल्ली हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से एक पत्र मिला था, जिसमें दोनों न्यायिक अधिकारियों को उत्कृष्ट योग्यता वाला बताया गया और कहा गया कि हाई कोर्ट उनकी सेवाओं का उपयोग कहीं और करना चाहता है।

    छोटे कार्यकाल के बाद ही तबादला

    न्यायाधीश सुनैना शर्मा ने इसी साल जनवरी में पदभार ग्रहण किया था। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के अनुरोध को मंजूरी दी थी, जिसमें तत्कालीन पीठासीन जज संजय बंसल को कार्यमुक्त करने की मांग की गई थी। बंसल ने लगभग साढ़े चार साल तक विशेष कोयला घोटाला अदालत की अध्यक्षता की थी।

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    वहीं, धीरज मोर को अप्रैल 2025 में विशेष न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। शर्मा को अपने पद पर आए मुश्किल से छह महीने हुए थे और मोर ने एक साल से कुछ ही ज्यादा समय पूरा किया था, जब उनके तबादले का यह नया अनुरोध आया।

    नए जजों की हुई नियुक्ति

    दिल्ली हाई कोर्ट के अनुरोध को स्वीकार करते हुए, शीर्ष अदालत ने दोनों जजों को सीबीआई कोयला घोटाला मामलों के विशेष न्यायाधीश के पद से हटाने की अनुमति दे दी। इसके साथ ही, उनके स्थान पर दो नए जजों की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई। वीरेंद्र कुमार खर्ता पहले साकेत में एनडीपीएस अदालत के विशेष न्यायाधीश थे, वे सुनैना शर्मा की जगह लेंगे। अजय गर्ग पहले तीस हजारी में फास्ट-ट्रैक कोर्ट में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश थे, वे धीरज मोर का पदभार संभालेंगे।

    शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने इसके परिणामस्वरूप तबादले और पोस्टिंग के आदेश जारी कर दिए। हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि न तो शर्मा और न ही मोर को कोई नई न्यायिक पोस्टिंग दी गई है। अधिसूचना के अनुसार, दोनों को प्रधान जिला और सीबीआई सत्र न्यायाधीश के कार्यालय से अटैच कर दिया गया है।

    सुरक्षित रखे गए फैसलों पर निर्देश

    हाई कोर्ट ने दोनों अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे पदभार छोड़ने से पहले उन सभी मामलों को अधिसूचित करें जिनमें फैसले या आदेश सुरक्षित रखे गए थे। तबादले के बावजूद, उन्हें निर्धारित तिथि पर या कम से कम दो से तीन सप्ताह के भीतर इन फैसलों को सुनाना होगा। फैसले सुनाने के लिए तय की गई तारीखें पुरानी और नई दोनों अदालतों की कॉज लिस्ट और अदालत की वेबसाइट पर भी दर्शायी जानी चाहिए।

    पिछले साल के आंकड़ों के अनुसार, कोयला घोटाले की दो विशेष अदालतों के समक्ष 29 सीबीआई भ्रष्टाचार के मामले लंबित थे, जबकि 27 से अधिक मामलों का निपटारा पहले ही किया जा चुका था।

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