Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को बड़ी राहत, 1 लाख करोड़ के जीएसटी नोटिस पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

    Updated: Fri, 10 Jan 2025 05:08 PM (IST)

    ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को शुक्रवार को देश की शीर्ष अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने कई ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को जारी 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ...और पढ़ें

    सुप्रीम कोर्ट से गेमिंग कंपनियों मिली राहत।
    सुप्रीम कोर्ट से गेमिंग कंपनियों मिली राहत।

    HighLights

    1. 2023 कंपनियों को भेजे गए 71 नोटिस।
    2. नोटिस में जीएसटी की चोरी का आरोप।
    3. कंपनियां कर रहीं 28% जीएसटी का विरोध।

    पीटीआई, नई दिल्ली। ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों और कैसीनो को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने कर चोरी के मामले में जारी एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के कारण बताओ नोटिस पर रोक लगा दी है।

    शुक्रवार को न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने मामले की सुनवाई की। शीर्ष अदालत एक ऑनलाइन गेमिंग फर्म को जारी 21,000 करोड़ रुपये के जीएसटी सूचना नोटिस को रद्द करने के कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले पर भी रोक लगा चुकी है।

    2023 में जारी किया गया था नोटिस

    केंद्र सरकार ने 1 अक्टूबर 2023 में जीएसटी कानून में संशोधन किया था। इसके तहत विदेशी ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के लिए भारत में पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया था। अक्टूबर 2023 में ही जीएसटी विभाग ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। इन कंपनियों पर कर चोरी का आरोप लगा।

    28 फीसदी जीएसटी का विरोध

    अगस्त 2023 में जीएसटी परिषद ने साफ किया कि ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर जितने रुपये का दांव लगाया जाएगा, उस पूरी रकम पर 28 फीसदी जीएसटी वसूला जाएगा। जीएसटी परिषद के इस फैसले के खिलाफ गेमिंग कंपनियों ने विभिन्न हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की।

    खबरें और भी

    इसके बाद केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने नौ हाईकोर्ट से 28 फीसद जीएसटी को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं को अपने पास ट्रांसफर कर लिया। शुक्रवार को इन्हीं याचिकाओं पर सुनवाई हुई।

    सभी कार्यवाही पर रोक का आदेश

    अदालत में जीएसटी विभाग का पक्ष अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एन वेंकटरमन ने रखा। उन्होंने कहा कि कुछ कारण बताओ नोटिस फरवरी में समाप्त हो जाएंगे। पीठ ने कहा कि इन मामलों में सुनवाई की आवश्यकता है। यह भी कहा कि गेमिंग कंपनियों के खिलाफ सभी कार्यवाही पर रोक लगाई जानी चाहिए।

    अदलत में गेम्स 24x7, हेड डिजिटल वर्क्स, फेडरेशन ऑफ इंडियन फैंटेसी स्पोर्ट्स जैसी कई ऑनलाइन गेमिंग फर्मों ने याचिका दाखिल की थी। 2023 में जीएसटी खुफिया महानिदेशालय ने गेमिंग कंपनियों को 71 नोटिस भेजे। इसमें उन पर 2022-23 के दौरान और 2023-24 के पहले सात महीनों में ब्याज और दंड को छोड़कर 1.12 लाख करोड़ रुपये के जीएसटी की चोरी का आरोप लगाया गया।

    यह भी पढ़ें: ब्रिटिश PM की जाएगी कुर्सी! पीछे पड़ गए Elon Musk, पद से हटाने के लिए की सीक्रेट मीटिंग


    यह भी पढ़ें: इतनी चर्चा में क्यों है दिल्ली की ये हॉट सीट... AAP-BJP और कांग्रेस ने बड़े चेहरों पर लगाया दांव; समझिए पूरा समीकरण